नवगछिया : तीनटंगा दियारा के ज्ञानी दास टोला में जमीन विवाद कनपट्टी लेकर कुख्यात ने 25 वर्षीय युवक मंजय चौधरी को गोली मार दी। गोली युवक की दांयी कनपट्टी पर लगी, जो बाहर निकल गई। उसे जख्मी हालत में रंगरा पीएचसी ले जाया गया। वहां उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद डॉक्टर ने उसे गंभीर स्थिति में मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी गांव छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की तहकीकात की। रंगरा पीएचसी में इलाज के दौरान जख्मी युवक ने पुलिस को दिए बयान में कई अन्य पर गोली मारने का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार साह ने बताया कि जख्मी युवक के बयान पर मामला दर्ज कर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। सभी जल्द ही पुलिस की गिररफ्त में होंगे।

बताया जाता है कि 5 दिन पहले बसोबासी जमीन को लेकर पड़ोस के ही वेदानंद मंडल से उसका काफी झगड़ा हुआ था। गुरुवार की रात पड़ोस में एक शादी समारोह था। उसमें मंजय भोज खाने के लिए गया था। वहीं सड़क पर लाकर मारपीट करने लगा। जब मारपीट का विरोध किया, तो गोली चला दी।
इसके पूर्व शाम में ही दोनों अपराधियों ने घायल युवक के छोटे भाई को सूचना देकर मंजय को मिलने के लिए बुलाया था। पर वह मिलने नहीं गया, इसके बाद रात में घटना को अंजाम दे दिया। मंजय ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी करता है। वेदानंद मंडल अपनी जमीन की मापी कर रहा था। लेकिन वह अपनी जमीन को छोड़कर उसकी जमीन का सीमांकन कराने लगा, जिसका उसने विरोध किया। उसके बाद उसके साथ मारपीट की, फिर उसके कहने पर सिंटू ने गोली चला दी।

रंगरा पीएचसी में जख्मी युवक के साथ डरे सहमे परिजन।
अपराधी के डर से किसी ने नहीं की घायल की मदद
बताया जाता है कि मंजय चौधरी को गोली मारने के बाद वह घायल अवस्था में मंजय को खींचकर गंगा नदी में फेंकने ले जाने लगा। लेकिन मंजय की पत्नी रिंकू देवी के अलावे अन्य परिजनों ने मंजय की जान बख्श देने की काफी आरजू की, इसके बाद उसे वहीं छोड़ दिया। घटना के बाद सिंटू के भय से गांव में कोई भी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहा है। उसके भय से घायल युवक को लोग अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए। परिजन किसी तरह घायल अवस्था में लहूलुहान मंजय को साइकिल पर लादकर अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में रंगरा पुलिस मिल गई।
इसके बाद पुलिस ने उसे अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।
कई हत्याकांडों को दे चुका अंजाम, पुलिस की नजर में फरार
ज्ञानीदास टोला का आरोपी सिंटू मंडल बात-बात में दुश्मनों और विरोधियों को गोली मार देना इसकी फितरत में शामिल हो गया है। आधे दर्जन हत्याकांड को अंजाम दे चुका है। यह रॉकी, छुतहरा मंडल, व वकील महतो हत्याकांड मुख्य रूप से शामिल रहा है। इसके अलावा इसके ऊपर रंगरा व गोपालपुर थाने के अलावा भागलपुर, कटिहार व पूर्णिया के विभिन्न थानों में लूट, हत्या, रंगदारी व छिनतई के दर्जनों मामले दर्ज हैं, जो पुलिस की नजर में फरार चल रहा है। वर्ष 2009 में सैदपुर निवासी रॉकी सिंह को उसने ज्ञानी दास टोला तिनटंगा में अपने घर से वापस लौटने के दौरान बाइक रोककर दिनदहाड़े गोली मार दी थी, मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया था। 1 वर्ष बाद वर्ष 2010 में अपने ही गिरोह के सदस्य छुतहरा मंडल की सुकटिया बाजार में शराब पीने में गोली मार दी थी।

