नवगछिया में वर्ष 2020 के एक हत्या मामले में आखिरकार न्याय हुआ है। नवगछिया के एडीजे-03 न्यायालय ने बिहपुर थाना कांड संख्या 57/20 के आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह घटना चार वर्ष पूर्व की है, जब एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था और उसमें एक युवक की जान चली गई थी। तभी से पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर साक्ष्य जुटाए और अदालत में मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और पुख्ता सबूतों के सहारे आरोपी के खिलाफ अपराध सिद्ध किया।

न्यायालय ने आरोपी गुंजन कुँवर, पिता मुकेश कुँवर उर्फ हीरा कुँवर, निवासी सोनवर्षा, थाना बिहपुर, जिला भागलपुर (बिहार) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 15,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
इसके साथ ही आरोपी को
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धारा 147 में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 1,000 रुपये जुर्माना,
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धारा 148 में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व 2,000 रुपये जुर्माना,
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धारा 504 में 1 वर्ष का कारावास व 1,000 रुपये जुर्माना,
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धारा 506 में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 1,000 रुपये जुर्माना
की सजा भी दी गई है। न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
फैसला सुनते ही पीड़ित परिवार ने संतोष जताया। परिजनों का कहना था कि भले ही उनका प्रियजन वापस नहीं आ सकता, लेकिन अदालत के इस निर्णय से उन्हें न्याय मिलने का सुकून जरूर मिला है।
इस फैसले से पूरे क्षेत्र में यह स्पष्ट संदेश गया है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून के तहत कड़ी सजा से बचाया नहीं जा सकता।
