नवगछिया में शराब पिलाकर युवक की हत्या का आरोप.. पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही

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नवगछिया । नवगछिया थाना क्षेत्र एनएच 31 प्रेसीडेंसी स्कूल के ठीक सामने नवादा मिल्की निवासी सुमित उर्फ कुंदन यादव का शव संदिग्ध स्थिति में मंगलवार की सुबह बरामद हुआ। परिजनों को इसकी सूचना भी सुबह मोबाइल के जरिए मिली। सूचना मिलने पर आनन-फानन में परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो कुंदन कुमार को मृत अवस्था में जमीन पर पड़ा हुआ पाया। कुंदन कुमार के छोटे भाई छोटू यादव ने बताया कि जिस भवन से मेरा भाई गिरा है। वहां तीन चार और युवक रहते हैं। छोटू यादव ने कहा कि इस मकान में रह रहे श्रवण यादव के अलावा अन्य और चार लोगों ने मिलकर हमारे भाई को शराब पिलाकर मार डाला है। मृतक छत से गिर गया है या उसे फेंका गया है, शराब के नशे में था या नहीं, यह जांच का विषय है। थानाध्यक्ष इंसपेक्टर भारत भूषण ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच की। उन्होंने बताया कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। जांच के बाद ही मामले का खुलासा हो पायेगा।

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घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने किया एनएच 31 जाम

घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने एनएच 31 को जाम कर दिया और हो हंगामा करने लगे। परिजन सुमित की हत्या किए जाने की बात बताकर घटना में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इस दौरान सड़क पर अफरातफरी की स्थिति बनी रही। सड़क पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। परिजनों ने कहा जब तक हत्यारा सामने नहीं आ जाता उसे सजा नहीं मिल जाती तब तक सड़क जाम नहीं तोड़ेंगे। वहीं थानाध्यक्ष इंसपेक्टर भारत भूषण ने घटनास्थल पर पहुंच कर शव को पोस्टमार्टम में भेजा। उन्होंने बताया कि पुलिस बदमाशों की शिनाख्त में जुट गई है। फॉरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरे को खंगाल रही है। पुलिस के आश्वासन कि जल्द बदमाशों को पकड़ा जायेगा। इसके बाद लोगों ने जाम हटाया। तब जाकर आवागमन चालू हो सका।

पिता के बयान पर चार पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज

नवगछिया थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर भारत भूषण ने बताया कि मृतक के पिता योगी यादव के बयान पर श्रवण यादव और उसके तीन भाइयों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि मृतक छत पर सोया था। छत पर रेलिंग नहीं है। आंधी तूफान में उठकर भागने के दैरान गिरने की संभावना हो सकती है। चार साल से मृतक उसके यहां रहता था। जांच के बाद ही कुछ भी कहा जा सकता है।

मृतक का आठ माह का वेतन था बकाया

मृतक के पिता ने बताया कि मेरा बेटा जिस दुकान में काम करता करता था। उसके यहां आठ माह का वेतन बकाया था। वह पैसे देने में टाल मटोल कर रहा था। बेटा उसी का गाड़ी भी चलाता था। पिता योगी यादव ने इस कारण भी हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पिता ने बताया कि सुमित यादव गाड़ी चलाकर और उसकी दुकान में काम कर अपने परिवार का जीवन यापन करता था। उसकी पत्नी प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका है। मृतक अपने पीछे दो बेटा, दो बेटी और पत्नी को छोड़कर चला गया।