नवगछिया : उफनाई कोसी में शुरू हुए कटाव से नदी में लोगों का आशियाना विलीन होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोग आसमान के नीचे जिंदगी जी रहे हैं। सोमवार को भी सिंहकुंड के मुकेश राय ,दिलीप राय, पवन शर्मा, अरुण शर्मा व श्रवण राय के घर कटाव की भेंट चढ़ गए। इस बार कटाव से यहां अब तक 18 लोगों के आशियाना उजड़ चुका है। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे भूखे-प्यासे जिंदगी गुजार रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!परिवार के जख्म पर अबतक मरहम लगाने वाला कोई नहीं है। राहत के नाम पर अब तक सिर्फ प्लास्टिक सीट दी गई है। प्रशासन का यह रवैया पीड़ित परिवारों का मजाक उड़ाने वाला है।

वहीं ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को जल संसाधन विभाग सामग्री व संसाधन नहीं होने के कारण कटावरोधी कार्य बंद कर दिया। हालांकि कार्य करा रहे अफसरों ने ग्रामीणों को शीघ्र ही पुनः कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है। वहीं तेज कटाव के कारण लगातार किसानों की उपजाऊ जमीन एक लोगों का आशियाना नदी में समा रहा है। कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि पलक झपकते ही जमीन का भूभाग का बड़ा हिस्सा नदी के गर्भ में समा जा रहा है। पीड़ित परिवार व ग्रामीणों ने कहा कि जल्द कटावरोधी काम शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।

पीड़ित बोले-राहत के नाम पर मिली सिर्फ प्लास्टिक सीट
पीड़ित परिवारों ने बताया कि प्रशासन ने राहत के नाम पर अब तक सिर्फ प्लास्टिक सीट मुहैया कराया है। हम भूखे-प्यासे जिंदगी गुजार रहे हैं। प्रशासन अब तक सूची तैयार करने में ही जुटा है। पिछले कई दिनों से हमारे बच्चे भूखे पेट सोने को विवश हैं। लेकिन प्रशासन को इससे कोई लेना-देना नहीं है। पीड़ित परिवारों ने कहा कि अब हमारी स्थिति मरन्नासन हो गई है। अगर 24 घंटे में राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। इधर, बिहपुर के कहारपुर और गोविंदपुर में कटाव जारी है। लोग सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं।
