नवगछिया: रंगरा प्रखंड के भवानीपुर स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में गांधी जी एवं शास्त्री जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई छात्रों को संबोधित करते हुए प्राचार्य विश्वास झा ने बताया कि एक बार गांधी जी के बड़े भाई के ऊपर काफी ज्यादा कर्ज हो गया था।बड़े भाई को कर्ज से मुक्त कराने के लिए गांधी जी ने अपना सोने का कड़ा बेंच दिया और उसके पैसे अपने भाई को दे दिए। मार-खाने के डर से गांधी जी ने अपने माता-पिता से झूठ बोला कि कड़ा कही गिर गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किन्तु झूठ बोलने के कारण गांधी जी का मन स्थिर नहीं हो पा रहा था। उन्हें अपनी गलती का अहसास हो रहा था और उनकी आत्मा उन्हें बार-बार यह बोल रही थी की झूठ नहीं बोलना चाहिए।गांधी जी ने अपना अपराध स्वीकार किया और उन्होंने सारी बात एक कागज में लिखकर पिताजी को बता दी।गांधी जी ने सोचा की जब पिता जी को मेरे इस अपराध की जानकारी होगी तो वह उन्हें बहुत पीटेंगे।लेकिन पिता ने ऐसा कुछ भी नहीं किया।वह बैठ गये और उनके आंखों से आंसू आ गये।गांधी जी को इस बात से बहुत चोट लगी।

उन्होंने महसूस किया की प्यार हिंसा से ज्यादा असरदार दंड दे सकता है।वहीं निर्देशिका शिखा विश्वास ने लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में बताया कि बचपन में ही पिता की मौत होने के कारण शास्त्री जी अपनी मां के साथ नाना के यहां मिर्जापुर चले गए।यहीं पर ही उनकी प्राथमिक शिक्षा हुई।उन्होंने विषम परिस्थितियों में शिक्षा हासिल की।कहा जाता है कि वह नदी तैरकर रोज स्कूल जाया करते थे।क्योंकि जब बहुत कम गांवों में ही स्कूल होते थे।लाल बहादुर शास्त्री जब काशी विद्यापीठ से संस्कृत की पढ़ाई करके निकले तो उन्हें शास्त्री की उपाधि दी गई।इसके बाद उन्होंने अपने नाम के आगे शास्त्री लगाने लगे। कार्यक्रम में प्राचार्य विश्वास झा, निर्देशिका शिखा विश्वास, शिक्षिका सपना पांडे, आशा रानी, शिक्षक ऋषभ झा, संदीप कुमार, अभिभावक विभूति भूषण, मुर्तजा अली सहित छात्रगण उपस्थित हुए।
