नवगछिया में अजब-गजब खरमास समाप्त होने के चक्कर में खाली है पांच थानों की कुर्सी-Naugachia News

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नवगछिया : इन दिनों नवगछिया पुलिस विभाग खरमास के प्रति अंधविश्वास और अस्था के अजीब उधेड़बुन में फंसा नजर आ रहा है. खरमास के कारण नवगछिया पुलिस जिले के पांच थानों की कुर्सी खाली पड़ी है. ऐसे थानों में प्रभारी थानाध्यक्षों से काम चलाया जा रहा है. मालूम हो कि पिछले दिनों नवगछिया पुलिस जिले से सात से आठ की संख्या में वैसे अवर निरीक्षकों को जिले से स्थानांतरित किया गया था जो थाने की कमान संभाल रहे थे. उनकी जगह पर नवगछिया आये अवर निरीक्षकों और पुलिस पदाधिकारियों को पांच दिन पहले ही नवगछिया एसपी निधि रानी ने थाना आवंटित कर दिया था.

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– प्रभारी थानाध्यक्ष संभाल रहे हैं कमान
– कोई न कोई कारण लगा कर खरमास के दिन को टाल रहे हैं नवपदास्थापित थानाध्यक्ष
– जिन लोगों ने दिया योगदान, उनमें से कुछ ने कहा नहीं मानते हैं खरमास
तो कुछ ने कहा मानते तो नहीं लेकिन पंडित जी से सलाह लेकर किया ज्वाईन

खरीक में अवर निरीक्षक दूबे देव गुरू, नारायणपुर नीरज कुमार ने अपना योगदान भी दे चुके हैं, लेकिन बांकी बचे पांच थानों में प्रतिनियुक्त किये गये थानाध्यक्ष किसी न किसी तरह का कारण बता कर छुट्टी पर चले गये हैं और थाने में योगदान देने से बच रहे हैं. ऐसे थानों से संबंधित पुलिस कर्मियों से बात चीत करने पर पता चला कि खरमास के कारण नवपदस्थापित थानाध्यक्ष योगदान नहीं दे रहे हैं. 14 जनवरी को संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त हो जायेगा और पांचों थानों में क्रमश: थानाध्यक्ष योगदान करना शुरू कर देंगे. गनिमत है कि खरमास 14 जनवरी को ही समाप्त हो रहा है.

खरमास में क्यों नहीं होती है नये कार्य की शुरूआत

सनातन शास्त्रों की मानें तो जब सूर्य धनु राशि में संक्रांति करते हैं तो यह समय शुभ नहीं माना जाता है. कहा जाता है कि इस समय सूर्य प्रभावशाली नहीं होते हैं. इस मास किसी भी प्रकार का शुभ कार्य शुरू नहीं किया जाता है. इस माह शुभ कार्य शुरू करने से कार्य की सफलता की संभावना कम रहती है. मान्यता है कि इस मौसम में सूर्य के रथ की गति कम हो जाती है जिस कारण यह सर्दियों का मौसम होता है. इस मास में लोग बीमारी से ग्रसित होते हैं.

कहते हैं खरीक थानेदार

खरीक के थानेदार दूबे देवगुरू ने कहा कि वे खरमास नहीं मानते लेकिन कुछ शुभचिंतकों ने उन्हें पंडित जी से इस मामले में किसी जानकार बात कर लेने की सलाह दी. उन्होंने इस मामले को लेकर अपने गुरू से बातचीत किया तो उन्होंने कहा कि ज्वाइन करने में कोई परेशानी नहीं है. इसलिए उन्होंने खरीक थाने की कमान संभाल ली है.

कहते हैं भवानीपुर थानेदार

भवानीपुर थानेदार नीरज कुमार ने कहा कि वे खरमास नहीं मानते हैं. वे तो एक छोटे पदाधिकारी हैं. मनु महाराज जैसे वरीय पदाधिकारियों ने भी इसी मास में अपना योगदान दिया है. ये सब बेकार की बातें हैं.

कहती हैं एसपी

नवगछिया एसपी निधि रानी ने कहा कि खरमास क्या होता है, वे इस संदर्भ में कुछ नहीं जानती हैं. गोपालपुर में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक किसी पारिवारिक समस्या के कारण छुट्टी में हैं तो बांकी थानों में भी नवपदस्थापित थानाध्यक्ष नियमत: विभिन्न थानों में अपना योगदान दे देंगे