फरक्का बराज की मरम्मत की वजह से 20 टन से अधिक क्षमतावाले भारी वाहन विक्रमशिला सेतु और उल्टा पुल होकर गुजर रहे हैं। इससे दोनों पुलों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। ओवरलोड ट्रकों के गुजरने से जाम भी लग रहे हैं। इससे निपटने के लिए जिले के इंट्री प्वाइंट समेत विक्रमशिला सेतु के दोनों ओर धर्मकांटा लगाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इस दिशा में कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग के अफसर को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इसके लिए एसएसपी आशीष भारती ने डीएम प्रणव कुमार को प्रस्ताव भी भेजा है। इसमें कहा गया है कि विक्रमशिला सेतु के दोनों छोर के अलावा जिला के इंट्री प्वाइंट पर मिर्जाचौकी, जगदीशपुर, रंगरा, नवगछिया-खगड़िया की सीमा पर धर्मकांटा लगाए जाएं, ताकि 20 टन से अधिक भारवाले वाहन विक्रमशिला सेतु व उल्टा पुल से होकर न गुजरे। ऐसा करने से ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर रोक लगेगी और जाम से भी राहत मिलेगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बाद एसएसपी ने तैयार किया प्रस्ताव
एसएसपी ने इसकी जानकारी गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, अपर पुलिस महानिदेशक, परिवहन विभाग के सचिव, पुलिस महानिरीक्षक, कमिश्नर, डीआईजी को भी दी है। साथ ही बांका, कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया, साहिबगंज व गोड्डा के डीएम व एसपी को भी पत्र भेजा गया है, ताकि उन जिलों में भी आवश्यक व्यवस्था की जा सके और ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा सके। भागलपुर एसएसपी ने इस दिशा में पहल गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में दिए गए निर्देश पर की है। इसमें कहा गया है कि फरक्का बराज प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत मोरग्राम-रामपुरहाट व दालकोला के तहत एनएच-34 की दोनों तरफ मरम्मत की अवधि के दौरान मल्टी एक्सल भारवाले कारगो वाहनों के ट्रैफिक डायवर्जन के लिए सहयोग की अपेक्षा है, ताकि यातायात व्यवस्था निर्बाध गति से चलती रहे।

भागलपुर एसएसपी ने बांका, कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया साहिबगंज व गोड्डा के डीएम व एसपी को भी भेजा पत्र
पश्चिम बंगाल, झारखंड और आसपास के जिलों से संपर्क कर होगी ठोस पहल
ट्रक एसोसिएशन के सदस्यों व अन्य माध्यमों से यह जानकारी मिली है कि ट्रक व छह चक्का से अधिक वाले वाहन का वजन 20 टन से ज्यादा होता है। इससे दोनों पुल के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। साथ ही इस कारण जाम की भीषण समस्या पैदा हो रही है। इस कारण से यातायात व्यवस्था में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फरक्का बराज प्रोजेक्ट की मरम्मत के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन के कारण विक्रमशिला पुल व पूरे भागलपुर जिला व आसपास के जिलों में भी लगातार ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसलिए उल्टा पुल व विक्रमशिला पुल पर छह चक्का से अधिक क्षमतावाले वाहनों के चलाने पर रोक लगाई जाए। साथ ही झारखंड, पश्चिम बंगाल और आसपास के जिलों से संपर्क कर भी इस दिशा में ठोस पहल की जाए।

जल संसाधन और गंगा संरक्षण विभाग के प्लान पर होगा काम
इस संबंध में भारत सरकार के जल संसाधन, नदी विकास व गंगा संरक्षण विभाग की ओर से डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। इसमें कहा गया है कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से विक्रमशिला सेतु की डिजाइन 70 आर वाहन क्षमता के लिए किया गया है। इस पर अधिकतम 20 टन तक के वाहनों के चलाने के लिए उपयुक्त माना गया है। फरक्का बराज प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत मोरग्राम-रामपुरहाट व दालकोला के तहत एनएच-34 की दोनों तरफ मरम्मत के कारण सभी ट्रक, भारी वाहन विक्रमशिला सेतु होकर गुजर रहे हैं। लेकिन विक्रमशिला व उल्टा पुल पर छह चक्का व इससे अधिक क्षमतावाले वाहन चल रहे हैं।

