नारायणपुर : प्रखंड के नगरपारा दक्षिण पंचायत की बीरबन्ना गांव में मंगलवार की दोपहर दो बजे खाना बनाते समय आग से निकली चिंगारी ने पछुआ हवा के चलते 75 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। सारे घर जलकर राख हो गये। इस घटना में घर का सामान बचाने के चक्कर में 19 वर्षीय युवक गुलशन यादव, पिता अरविंद यादव की मौत हो गयी। आग की चपेट में आने से लगभग एक दर्जन मवेशियों की झुलसने से मौत हो गयी। घटना के बाद तीन घंटे तक पूरे प्रखंड में अफरातफरी मची रही।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अगलगी की सूचना मिलने पर भवानीपुर पुलिस, सीओ अजय कुमार सरकार, बीडीओ हरिमोहन कुमार, प्रमुख प्रतिनिधि मंटु यादव, मुखिया प्रतिनिधि पवन सिंह सहित अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की हरसंभव कोशिश की लेकिन आग इतनी भयावह थी कि उसपर काबू पाना मुश्किल था। आधा घंटा बाद एक अग्निशमन की गाड़ी आयी लेकिन उससे भी आग पर काबू पाना संभव नहीं हो रहा। तब नवगछिया से बड़ी-छोटी तीन अग्निशमन की और गाड़ी व कई थाना की पुलिस पहुंची। लगभग पांच बजे शाम में आग पर काबू पाया गया। घटनास्थल पर नवगछिया एसडीओ उत्तम कुमार, एसडीपीओ दिलीप कुमार, जिला प्रशासन के अपर समर्हत्ता व बिहपुर विधायक ई कुमार शैलेन्द्र भी पहुंचे। अगलगी में सिर्फ पक्का का ही घर बचा था। पक्का घर में भी आग के कारण सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। डर से कोई घर में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। मृतक के परिजनों को एसडीओ ने विधायक के माध्यम से चार लाख का चेक सौंपा। सीओ ने बताया कि राजस्व कर्मचारी को सूची बनाने के लिए कहा गया है।
इसी माह युवक की होनी थी शादी
बीरबन्ना गांव में आग से आशियाना बचाने के दौरान युवक गुलशन यादव की मौत हुई उसकी शादी इसी महीने में होने वाली थी। युवक की मौत के बाद पिता अरविंद यादव, माता व फुआ का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि आग लगने के बाद गुलशन घर का सामान बचाने के लिए घर में प्रवेश कर गया। इस दौरान घर में लगा खंभा उस पर गिर गया और वह उसी से दब गया। फिर वह घर से बाहर निकल नहीं पाया और उसकी मौत हो गयी। मृतक दो भाई में बड़ा था। फुआ के घर से शादी की तैयारी हो रही थी। घटना के बाद मां और फुआ बार-बार बेहोश हो जा रही थी।

गेहूं, सरसों की फसल जलकर राख
पीड़ित परिवारों ने बताया कि यह समय फसल तैयारी का था। गेहूं की फसल, सरसों की फसल तैयार थी, लेकिन आग में सारी फसल भी जलकर राख हो गयी। सीओ ने बताया कि पीड़ित परिवारों के लिए सामूहिक रसोई चलायी जाएगी। घटनास्थल पर एसडीपीओ, एसडीओ सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि भी कैंप कर रहे हैं।
पीड़ितों को रात गुजारने की समस्या
अग्निपीड़ित अरविंद यादव, सोहन, मक्खन यादव सहित अन्य ने बताया कि आशियाना जलने के बाद अब हमलोगों को रात गुजारने की समस्या है। खुले आसमान के नीचे रहना हमलोगों की मजबूरी है। सीओ ने बताया कि सभी पीड़ित परिवार को टेंट बनाने के लिए प्लास्टिक, चूड़ा, शक्कर व बिस्कुट दिया गया है। देर रात तक सभी की सूची बनाकर आपदा के तहत मिलने वाले 9800 रुपये दिये जाएंगे। सामुदायिक रसोई चलाकर पीड़ित परिवारों को खाना खिलाया जाएगा।
