नवगछिया। इस्माइलपुर प्रखंड के लोगों को गंगा नदी के जलस्तर में कमी के बाद बाढ़ से तत्काल राहत तो मिल गई है। लेकिन लोगों की परेशानी अभी बरकरार है। बाढ़ के जमे पानी बदबू शुरू हो गई। इससे महामारी जैसी गंभीर बीमारियों की फैलने की आशंका बढ़ गई है। इस्माइलपुर जिला परिषद सदस्य ने कहा कि गंगा नदी में तो अच्छा पानी घटा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी एक अंगुली पानी घटा है,
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पानी तेजी से रिटर्न भी हो रहा है। लेकिन बाढ़ आने के बाद सड़ांध होने से महामारी की आशंका बनी हुई है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक रूप से ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव करने की मांग की है। कहा कि यदि अभी ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं हुआ तो गंभीर बीमारी इलाके में फैल सकती है।


बाढ़ के पानी से चापाकल का भी पानी दूषित हो गया है। लोग दूषित पानी ही पी रहे है। बाढ़ पूर्व इलाके में हेलोजन टेबलेट का वितरण होता था, जो लोग पानी में डाल कर पानी का सेवन करते थे। लेकिन पीएचसी ने इस बार हेलोजन टेबलेट का वितरण नहीं किया गया।
