बड़ा फैसला : अब Digital होने जा रहा है बिहार बोर्ड: अंजनी

नवगछिया: बिहार के 2016 इंटरमीडिएट परीक्षा में होने वाली धांधली के बाद बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने खुद को डिजिटाइज करने का निर्णय लिया है।वे अब इस साल के कंपार्टमेंट परीक्षा देने वाले 1.5 लाख स्टूडेंट्स की जवाबपुस्तिकाओं का डिजिटल निरीक्षण करेंगे। यह बिहार बोर्ड की ओर से पहली ऐसी मजबूत कोशिश दिखती है। इस विषय पर जांच कर रही स्पेशल टीम ने पाया कि इस वर्ष के तीनों टॉपरों ने परीक्षा खत्म होने के बाद अपनी कॉपियां लिखी थीं। इसवजह से ही वे इतने अधिक नंबर हासिल कर सके।राज्य के बोर्ड ने इसके बाबत 2700 मूल्यांकनकर्ताओं को ट्रेनिंग दी है, ताकि वे डिजिटल प्रक्रिया को पूरी तरह समझ सकें। बिहार बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर कहते हैं कि सारी वास्तविक उत्तर पुस्तिकाएं स्कैन करने के बाद स्ट्रॉन्ग रूम में भेजी जाएंगी। मूल्यांकनकर्ताओं को एक आभासी उत्तर पुस्तिका और नंबर लिखने के लिए टैबुलेशन शीट मिलेगी। यदि कोई स्टूडेंट अधिक सवाल लिखने की कोशिश करेगा तो वे सवाल स्वत: ही कैंसिल हो जाएंगे।बिहार बोर्ड के प्रवक्ता राजीव रंजन द्विवेदी कहते हैं कि कंपार्टमेंट परीक्षा में आने वाले परिणाम आगे की परीक्षाओं में की तैयारी का जायजा होंगे। वे पूरी परीक्षा प्रणाली को किस तरह डिजिटल कर सकते हैं।*

