खगड़िया के पसराहा थाना के दिलेर थाना अध्यक्ष आशीष भारती के हत्यारे कुख्यात दिनेश मुनि को एसटीएफ ने अभी अभी मुठभेड़ में मार गिराया है. मौके से दो कार्बाइन भी बरामद किया गया है.वहीं बताया जा रहा है कि उसके बाकी 3 साथी भागने में कामयाब रहे हैं. बता दें कि 2018 के अक्टूबर महीने में खगड़िया जिले के पसराहा थाने के दिलेर थाना अध्यक्ष आशीष सिंह ने जब कुख्यात दिनेश मुनि को पकड़ने के लिए धावा बोला था तो उस दौरान अंधेरे में हुए मुठभेड़ में दिनेश मुनि गिरोह ने दरोगा आशीष सिंह को गोली मार दी थी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी ।आज पुलिस ने अपना बदला पूरा कर लिया है। दिनेश मुनि को एसटीएफ ने कुछ ही देर पहले मुठभेड़ में मार गिराया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एनकाउंटर की कहानी सूत्रों की जुबानी
दर्जनों मुकदमों का अभियुक्त दिनेश मुनि दियारा के जरायम पेशा कि दुनिया का बेताज बादशाह है बताया जाता है। खगड़िया जिले के पसराहा थाना अध्यक्ष आशीष सिंह के शहिद होने बाद दियारा के इलाके में उसकी तूती बोलती थी। अपने थानाध्यक्ष के मौत का बदला लेने के लिए पुलिस की टीम बेचैन थी। इस सिलसिले में कई दफा दियारा के इलाकों में वेश बदलकर पुलिस की टीम डेरा डाल चुकी थी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगती थी।इस दफा पुलिस में अपने दिलेर साथी के हत्या का बदला ले लिया है।


सूत्र बताते हैं कि पिछले 1 सप्ताह से लगातार वेश बदलकर एसटीएफ की टीम दियारा के इलाके में कुख्यात दिनेश मुनि के फिराक में डेरा डाले हुई थी। सूत्रों की माने तो दियारा के इलाके में मक्के के खेत में कुख्यात दिनेश छिपा रहता था। लेकिन कल रात वह शराब पीने के लिए अपनी मांद से बाहर आया। फिर क्या था 7 दिनों से उसकी ताक में बैठी एसटीएफ की टीम ने उसे ललकारा ।आदतन पुलिस टीम पर फायर झोंकने का आदि कुख्यात दिनेश मुनि ने पहले ही की तरह पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी ।लेकिन इस दफा चाल उल्टा पड़ गया।जवाबी फायरिंग में एसटीएफ कई गोलियां दिनेश के शरीर में जाकर धंस गई।

कुख्यात दिनेश मौके पर ही मारा गया ।जबकि उसके 3 साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। कुख्यात दिनेश मुनि के मारे जाने पर भी पुलिस तकरीबन 2 घंटे घंटे का इंतजार करते रही। सुबह उसकी पहचान की गई तो पता चला कि यह पुलिस के दिलेर अफसर आशीष भारती का हत्यारा कुख्यात दिनेश मुनि है.बता दें कि 12 अक्टूबर की देर रात पसराहा थानाध्यक्ष आशीष कुमार कुख्यात अपराधी दिनेश मुनी की गिरफ्तारी के लिए बिहपुर के दुधेला दियारा पहुंच थे। वहां दिनेश मुनी के छुपे होने की सूचना थी। इस कार्रवाई में दिनेश मुनी और गिरोह के सदस्यों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी।

इस दौरान पुलिस एवं अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में पसराहा थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह को सीने एवं पेट में गोली लग गई थी। इससे वे शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में सिपाही दुर्गेश यादव को भी गोली लगी थी। पुलिस ने भी मुठभेड़ के दौरान एक अपराधी श्रवण यादव को मार गिराया था। घटना के संबंध में बिहपुर थाना में कांड संख्या 402/18 दर्ज किया गया था। कांड दर्ज होने के बाद खगड़िया व नवगछिया पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर पसराहा से दिनेश मुनी गिरोह के सक्रिय सदस्य मिथुन कुमार दास को गिरफ्तार किया था.
