प्रखंड के खगड़ा पंचायत की साहू परबत्ता गांव में मुख्यमंत्री ग्राम विकास योजना के तहत बनाए गए जलमीनार का मोटर 22 दिन बाद भी ठीक नहीं हो पाया है। इससे पानी के लिए इस गांव के 10 वार्ड के 5000 लोग भटक रहे हैं। गांव में पिछले 22 दिन से जलमीनार से जलापूर्ति ठप है। बाढ़ के बाद लोग चापाकल से निकल रहे गंदा पानी से अपनी प्यास बूझा रहे हैं। इससे कई लोग सर्दी-खांसी से पीड़ित हो गए है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों गंगा में आई बाढ़ के कारण मोटर डूबने से खराब हो गया था। लेकिन इसे ठीक कराने के लिए पीएचईडी के अफसर अब तक कोई पहल नहीं की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीणों का कहना है कि इसे लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक मोटर ठीक नहीं हो पाया है। हम चापाकल के गंदा पानी पीने को विवश हैं। वहीं साहू परबत्ता निवासी जदयू किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पारसनाथ साहू ने बताया कि पिछले 30 सितंबर को पानी टंकी के के मोटर में गड़बड़ी आई थी। 22 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक मोटर को दुरुस्त कर पानी की सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई है। पीएचईडी विभाग की लापरवाही के कारण साहू परबत्ता गांव में पानी की समस्या उत्पन्न है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी की आई बाढ़ के बाद ग्रामीणों को पीने का पानी की बहुत अधिक आवश्यकता है।

उसके बाद भी किसी तरह का कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पीएचईडी और प्रशासन की ओर से अब तक केवल आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने डीएम से अनुरोध किया है कि इस पर ठोस कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। वहीं पीएचईडी के एसडीओ अखिलेश कुमार ने कहा कि बाढ़ के पानी में मोटर आ जाने से मोटर में गड़बड़ी आ गई थी। मोटर को ठीक करवा दिया गया है। बुधवार से पानी की सप्लाई भी शुरू कर दी जाएगी।
ग्रामीणों ने कहा-दो दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन
पाीन के लिए भटक रहे साहू परबत्ता के ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों ने कहा कि हम 22 दिन से शुद्ध पानी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर दो दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी विभाग और अनुमंडल प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीएचडी इस मामले में पूरी तरह लापरवाही बरत रही है। जो काम एक-दो दिन में हो जाना चाहिए था वह 22 दिन बाद भी नहीं हो पाया है।
