नवगछिया : गांव धरहरा में एक विशाल पीपल का पेड़ 2012 में गिर गया, लेकिन चमगादड़ नहीं गए। उन्होंने 200 मीटर दूर दूसरे पेड़ों में नया घर बना लिया। ये चमगादड़ फसलों की सुरक्षा में मदद करते हैं क्योंकि वे कीड़े खाते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि चमगादड़ परागण में भी सहायक हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नवगछिया के धरहरा और कदवा में लोग इन्हें ग्राम देवता मानते हैं और इनकी उपस्थिति को धन और समृद्धि से जोड़ते हैं। यहां लोग मानते हैं कि जहां चमगादड़ होते हैं, वहां संकट नहीं आता और गांव की सुरक्षा होती है।
यह परंपरा 2006 से है। बिहार के अन्य गांवों, जैसे सुपौल और मुजफ्फरपुर में भी चमगादड़ों की पूजा होती है। ग्रामीण उन्हें रक्षक और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं।.

