नवगछिया: जो दूसरों का बंधन खोलता है उसके बंधन भगवान स्वयं खोलते हैं – विनोदानंद सरस्वती

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नवगछिया: नवगछिया के घाट ठाकुरबाड़ी में रामचरितमानस नवाह पारायण एवं श्रीराम कथा के दौरान मंगलवार को स्वामी विनोदानंद सरस्वती ने कहा जो भाग्य में लिखकर आया है वह जरूर मिलेगा। हमें भगवान पर विश्वास करना चाहिए। भगवान कहते हैं जग में विश्वास मत करो मेरे में विश्वास करो। जो भगवान का भजन करे वह तो भाग्यशाली है लेकिन भगवान जिसका भजन करे उससे बड़ा भाग्यशाली कौन है। जो राम कथा सुने वही संत है। जिनको देखते ही श्रीराम की याद आ जाए वही संत है।

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हमारा अपना जीवन उतना ही है जितना हम सत्संग पूजा करने में लगाते हैं। जो भगवान से नहीं जुड़े उनका जन्म निरर्थक है। जो दूसरों का बंधन खोलता है उसका बंधन स्वयं भगवान खोलते हैं। हम दुनिया वाले बाहर से देखते हैं। परमात्मा अंदर से देखते हैं। जीवन को कोई धोखा देने का काम करता है तो वह मानव ही है।

बोल बोल कागा मेरे राम कब आएंगे …तेरे संग संग रहेंगे ओ मोहना.. रामा रामा रटते रटते बीते रे उमरिया आदि भजनों पर राम भक्त खूब झूमे। कथा के अंतिम दिन विनोदानंद ने सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में अध्यक्ष दिनेश सर्राफ, उपाध्यक्ष बनवारी लाल पंसारी, प्रवीण भगत . शिवनारायण जायसवाल, शरवन केडिया, मीडिया प्रभारी अशोक केडिया आदि थे।