ऋषव मिश्रा ‘कृष्णा’, नवगछिया : टीनटंगा दियारा ज्ञानी दास टोला निवासी खूब लाल साह की हत्या 13 मई 2012 को अपराधियों ने गोली मारकर कर दी गई. अपराधियों की गोली से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे उसे इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच भागलपुर मायागंज ले जाया गया था जहां से उसे पटना रेफर किया गया और पटना जाने के क्रम में ही रास्ते में उसकी मौत हो गयी थी. हालांकि खूब लाल साह भी आपराधिक प्रवृत्ति का था.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!छत पर सोयी अवस्था में खूबलाल साह को मारी गोली, हुए गंभीर
– जेएलएनएमसीएच से किया रेफर, पटना जाने के क्रम में मौत
– उस वक्त बात आयी थी सामने, खूबलाल की हत्या के आधे घंटे पहले मोबाइल लेकर निःशब्द रात में घर से निकल गया था रबीन, उस वक्त उसकी आयु 14 से 15 वर्ष थी.
– सौतेली मां ने करायी थी प्रथमिकी, रबीन के विरूद्ध थे परिस्थिति जन्य साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस, रबीन सहित अन्य बना आरोपी, रबीन था नाबालिग, भेजा गया था सुधार गृह, बात सामने आयी थी कि घरेलू विवाद ही बना था हत्या का कारण
– डेढ़ वर्ष पहले सुधार गृह से घर आया था रबीन, यहां आटा चक्की के रोजगार से जुड़ा.
पूर्णिया जिले के एक थाने में आर्म्स एक्ट और अपहरण कर हत्या के मामले में वह आरोपी रहा था. गांव में उसकी दुश्मनी के भी चर्चे थे. लेकिन उसके हत्या में दुश्मनों के साथ साथ उसी का एक पुत्र रबीन कुमार साह का भी नाम सामने आया था. उस वक्त रबीन की उम्र 14 – 15 वर्ष रही होगी. खूब लाल शाह की हत्या रात में 3:30 पर की गई थी जबकि उसका एक पुत्र ठीक आधे घंटे पहले घर से मोबाइल लेकर बाहर निकल गया.

रबीन के निकलने के आधे घंटे बाद ही अपराधियों ने खूब लाल शाह को छत पर सोई अवस्था में गोली मार दिया. मामले की प्राथमिकी में रबीन को नामजद आरोपी बनाया गया और पुलिस में अनुसंधान किया तो पता चला कि जमीन के विरुद्ध परिस्थिति जन्य साक्ष्य के अलावा इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस भी है. ऐसी परिस्थिति में पुलिस ने रबीन को सुधार गृह भेज दिया.
करीब 10 वर्ष पहले रबीन का आया और और एक आटा चक्की मशीन बैठा कर अनाज पीसने का काम करने लगा. उस वक्त के तत्कालीन एसपी जयंतकांत ने मामले का अनुसंधान प्रारंभ कराया तो पता चला था कि हत्या का तत्कालीन कारण गृह क्लेश है जिसका फायदा उठाकर दुश्मनों ने खूब लाल के घर में ही अपना मुखबिर छोड़ दिया और खूब लाल को रास्ते से हटा दिया.

दो शादी के बाद दो परिवार में बंट गया खूबलाल का परिवार
खूबलाल साह ने दो शादियां की थी थी जिससे उन्हें 13 बच्चे थे. दोनों पत्नियों से पांच-पांच पुत्र है. मृतक बड़ी पत्नी का मंझला पुत्र है. रबीन की हत्या का कारण पारिवारिक विवाद है या नहीं यह तो जांच का विषय है. लेकिन हत्या का तरीका और पिछली कहानी पारिवारिक क्लेश की ओर इशारा कर रहा है. पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है.
दूसरी तरफ रबीन के एक भाई सन्नी कुमार ने पुलिस को बताया कि रवीन ने कुछ माह पूर्व गांव के ही राम मंडल के पुत्र अनिल मंडल एवं सुनील मंडल को दो लाख की राशि पैचा के रूप में दी थी. मृतक द्वारा दीपावली के पूर्व अनिल मंडल एवं सुनील मंडल से अपने दिए गए दो लाख की राशि को वापस लौटाने की मांग की थी. जिसमें दोनों के बीच कुछ कहासुनी भी हुई थी.
इसके बाद अनिल मंडल ने काली पूजा के बाद पैसे की व्यवस्था कर देने की बात कही थी. दूसरी ओर आसपास के लोगों के द्वारा दबी जुबान से बताया जा रहा है कि अपराधी मृतक के बड़े भाई सन्नी कुमार को मारने की योजना बना कर आए थे. मगर धोखे में अपराधियों ने रविन की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस इन दो बिंदुओं के अलावे भी कई बिंदुओं पर जांच कर रही है
घटना के बाद परिजन गहरे सदमे में
मृतक रबीन को लूसी और पूजा दो बहन है, जिसमें बड़ी बहन पूजा की शादी हो चुकी है. घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है. मां अनीता देवी एवं बहन पूजा अपने पुत्र एवं भाई के शव से लिपट कर दहाड़ मार कर रो रही है. दोनों का रो रो कर बुरा हाल है. परिजन उसे संभालने में लगे हुए हैं.
थानाध्यक्ष ने कहा
घटना की बाबत रंगरा थानाध्यक्ष जवाहरलाल सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है. घटना में शामिल अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा
