काेराेना को लेकर डर का माहौल बन गया है। दूसरे राज्याें से घर अाने वाले लोगों को सर्दी-खांसी, बुखार हाेने पर भी वे काेरोना संक्रमण समझ रहे हैं। नवगछिया के गाेपालपुर प्रखंड के एक व्यक्ति काे ग्रामीणाें ने दबाव देकर गांव से भगाने का मामला सामने आया। सभी ने कहा, पहले काेराेना की जांच करवाओ, फिर घर आना। अस्पताल से भाग कर यहां अाए हाे। इसकी सूचना मुखिया को लोगों ने दी तो उन्होंने स्थानीय थाने काे सूचना दी। पुलिस ने उसे घर से उठाया औश्सेर जांच के लिए मेडिकल काॅलेज अस्पताल पहुंचा दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यहां डॉक्टरों ने जांच की तो वह सामान्य निकला। कोरोना का कोई लक्षण उसमें नहीं मिला। लेकिन गांवों में फैली भ्रांतियों को देख उसे वार्ड में भर्ती किया गया है। अब उसका सैंपल जांच के लिए पटना स्थित लैब भेजा जाएगा। दूसरी ओर विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र का एक बीटेक स्टूडेंट खुद ही जांच कराने अस्पताल पहुंच गया। वह केरल से साेमवार काे घर अाया था। उसने एहतियातन जांच करवाई। डाॅक्टर ने उसमें भी कोई लक्षण न पाकर घर भेज दिया।

ग्रामीणाें का दंश झेल रहा दंपत्ति
गाेपालपुर से अाए काेराेना संदिग्ध की पत्नी ने बताया कि रविवार काे पति दूसरे राज्य से घर अाए थे। उन्हें सर्दी-खांसी थी। ग्रामीणाें ने इलाज करवाने को कहा। मायागंज में डाॅक्टर ने कहा कोई परेशानी नहीं है। घर जाओ। वह शाम काे घर गया तो सुबह ग्रामीणाें में कानाफूसी हाेने लगी। इसके बाद ग्रामीणाें ने दबाव देकर उसे घर से बाहर भगा दिया। कहा, इलाज के बाद ही घर आना। यहां मास्क देकर रहने काे कहा गया है।
दोनों में किसी तरह के लक्षण नहीं
दाे लाेग अाइसाेलेशन वार्ड में अाए थे। इसमें एक काे ग्रामीणाें के दबाव पर पुलिस ने पहुंचा दिया। दाेनाें में किसी तरह के लक्षण नहीं हैं, लेकिन एक काे भर्ती किया गया है। सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। डाॅ. हेमशंकर शर्मा, नाेडल पदाधिकारी, काेराेना
