दहेज में एक लाख रुपए नहीं मिलने पर ससुराल वालों ने एक महिला की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को घर छप्पर से फंदे पर लटका दिया। दिल दहलाने वाली यह घटना खरीक थाना क्षेत्र के गोटखरीक गांव में मंगलवार देर रात हुई। जहां ललन दास की 20 वर्षीया पत्नी मोनी देवी की हत्या कर दी गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मृतका के मायके वालों को दी। इसके बाद बुधवार शाम मोनी के परिजन झारखंड के साहेबगंज से गोटखरीक पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!थानाध्यक्ष पंकज कुमार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और ससुराल वालों समेत आसपास के लोगों से पूछताछ की। ससुराल वालों का कहना है कि मोनी ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की है। वहीं मोनी की मां पुरनी देवी ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी दो साल पहले ललन से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले एक लाख रुपए दहेज मांग रहे थे। नहीं देने पर वे बेटी की हत्या करने की भी धमकी देते थे। आखिरकार दहेज लोभियों ने बेटी की जान ले ली। उसने दामाद ललन दास, उसके पिता विलास दास, भाई अनिल दास, उसकी पत्नी पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया है। पुलिस सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भिजवा दिया।

दो वर्ष पूर्व ललन की मोनी से हुई थी शादी
ललन की दो शादी पहले भी हो चुकी है। किन्तु, पूर्व की दोनों पत्नी पारिवारिक कलह से तंग आकर भाग गई थीं। जिसके बाद दो वर्ष पूर्व ललन की झारखंड के साहेबगंज निवासी दिलीप रविवार दास की पुत्री मोनी से तीसरी शादी हुई थी। किन्तु, एक भी पत्नी से ललन को कोई संतान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि ललन दिमाग तौर पर कमजोर है। वह काम करने में रुचि नहीं रखता है।
मां ने कहा-दहेज नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देते थे
जेठानी बोली- देवरानी ने खुद फांसी लगा कर ली आत्महत्या
मंगलवार की देर रात घर में मोनी के अलावा उसके जेठ, जेठानी व जेठ के दो छोटे-छोटे बच्चे ही घर पर थे। पति और सास एक सप्ताह से धान की कटाई करने बांका गए हुए थे। घटना की जानकारी मिलने पर वे बुधवार दोपहर घर आए। जबकि ससुर घर से करीब दौ सौ मीटर की दूरी पर स्थित बासा पर थे। मृतका की जेठानी ने बताया कि रात दस बजे सभी खाना खाकर अपने कमरे में सो गए। बुधवार की सुबह जब देवरानी काफी देर तक नहीं जगी तो हमने उसका दरवाजा खटखटाया, जवाब नहीं मिलने पर जब दरवाजा तोड़ा गया तो देखा कि मोनी का शव फंदे से झूल रहा था। हत्या का आरोप गलत है। मोनी ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की है। पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
