ढोलब्जजा । पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से वन्यजीव जागरूकता अभियान के तहत मध्य विद्यालय खैरपुर कदवा में गरूड़ समागम का आयोजन मंदार नेचर क्लब के बैनर तले किया गया। इस अवसर पर डीएफओ श्वेता कुमारी ने कहा कि कदवा दियारा में गरूड़ का बसेरा होना एक बड़ी उपलब्धि है। यहां विलुप्तप्राय पक्षी भगवान विष्णु के वाहक गरुड़ों के संरक्षण के लिए गरूड़ रेस्टोरेंट खोला जाएगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जिसमें मनरेगा के तहत अमृत सरोवर का निर्माण करवाकर गरुड़ों के भोजन के लिए मछली की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कहा कि भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड जयप्रकाश उद्यान में सोविनियर शॉप का निर्माण करवाया जाएगा। सोविनियर शॉप में पर्यावरण और वन्यजीव से संबंधित विभिन्न प्रकार के उत्पादों को निर्मित कर कोसी कदवा दियारा के लोग बेचकर अच्छी खासी मुनाफा कमा सकेंगे। उन्होंने कहा कि कदवा में भी एक सामुदायिक आवास का निर्माण करवाया जाएगा। सभी प्रस्ताव स्वीकृति के लिए जिलाधिकारी को भेजा गया है।
मंदार नेचर क्लब के संस्थापक अरविंद मिश्रा ने कहा कि कदवा दियारा में मंदार नेचर क्लब 2006 से ही गरूड़ पक्षी के संरक्षक और संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। भागलपुर के सुंदरवन में गरुड़ पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई है। जिसमें घायल गरुड़ों की देखभाल व ईलाज होता है। मध्य विद्यालय खैरपुर पेड़ पर गरुड़ का घोंसला नहीं होने पर चिंता जताई।

प्रो. जयनंदन मंडल ने गरुड़ संरक्षण पर किए जा रहे विभिन्न प्रकार कार्यों को साझा किया।
खैरपुर कदवा के मुखिया पंकज जायसवाल, सरपंच सुबोध मिश्रा और पूर्व मुखिया अजय कुमार ने वरीय अधिकारियों से जल्द जमीन मुहैया करवाकर अमृत सरोवर का निर्माण कराने पर अपनी सहमति दी व सड़क किनारे गरूड़ के घोंसले के पास हॉर्न न बजाने की अपील की। जदयू नेता प्रशांत कुमार कन्हैया ने गरूड़ प्रजनन क्षेत्र कदवा दियारा को पर्यटक स्थल बनाने के साथ गरुड़ सेवियर्स, गरुड़ गार्जियन और गरूड़ सेविकाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की मांग प्रमुखता से रखा। इस मौके पर खैरपुर कदवा पंचायत के मुखिया पंकज जायसवाल, सरपंच सुबोध मिश्रा, पूर्व मुखिया अजय कुमार, पंसस मृत्युंजय राय, सरपंच सिराज साह, जदयू नेता प्रशांत कन्हैया, रेंजर पीएन सिंह, डॉ नगीना राय, राजीव कुमार, प्रिंस प्रभात, शुभाशीष कुमार, प्रिंस प्रभाष, कपिलदेव मंडल, रमेश मंडल, नीतीश कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण, मछुवारा, गरूड़ सेवियर्स, गरूड़ गार्जियन और गरूड़ सेविकाएं मौजूद थी।
