नवगछिया : कोसी के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ ही खरीक के मैरचा सहित तटवर्ती इलाके में कटाव शुरू हो गया है। कई घर नदी के मुहाने पर आ गए हैं। वैसे मकान जो नदी किनारे बसे हुए हैं और उन पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है वैसे परिवार खुद अपने घरों को तोड़ रहे हैं, ताकि भविष्य में ईंट से वह दोबारा घर बना सकें।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ग्रामीणों का कहना है कि अगर वह अपना घर नहीं तोड़ेंगे तो मकान कटाव की भेंट चढ़ जाएंगे। लोगों ने कहा कि मेहनत मजदूरी कर मकान बनवाया था किशोर कुमार कहा कि घर बचने की कोई उम्मीद नहीं लग रही है। कटाव स्थल पर लगाए गए जिओ बैग भी नदी में समा रहा है।
6- साल पहले 5 लाख रुपए खर्च कर घर बनवाया था। अब अपने हाथों से तोड़ रहे हैं। मुकेश कुमार ने कहा कि कोसी नदी तेजी से घर की ओर बढ़ रही है। यदि नदी में घर चला गया तो क्या फायदा होगा, कम से कम ईंट ही निकाल लें। मेहनत मजदूरी कर के घर बनाए थे। परिवार में छह व्यक्ति है, घर कटने के बाद कहां रहेंगे कुछ पता नहीं।

