नवगछिया का एनएच 31 दुर्घटनाओं को लेकर राज्य के सबसे खतरनाक एनएच में शामिल हो चुका है। उस एनएच पर दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एनएच-31 और विक्रमशिला पुल को लेकर मुख्यालय में हो चुकी है चर्चा
पुलिस मुख्यालय में दुर्घटनाओं को लेकर हुई बैठक में एनएच 31 और विक्रमशिला पुल एवं दोनों तरफ पहुंच पथ को लेकर चर्चा हो चुकी है। आईजी ट्रैफिक की बैठक के दौरान बताया गया कि एनएच 31 पर काफी दुर्घटनाएं होती हैं और उसमें काफी संख्या में लोगों की मौत भी हो जाती है। इसके अलावा विक्रमशिला पुल और उसके दोनों तरफ पहुंच पथ पर भी होने वाली दुर्घटनाओं पर चर्चा हुई और उसमें कमी लाने के उपाय करने को कहा गया।
नवगछिया और भागलपुर में इतने ब्लैक स्पॉट
नवगछिया पुलिस जिले में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर कई ब्लैक स्पॉट चिह्नित
किये गये हैं। उनमें तेतरी जीरोमाइल, नवगछिया जीरोमाइल, रंगरा, एनएच किनारे
नारायणपुर और बिहपुर के अलावा तेतरी और लतीपुर की तरफ जाने वाली 14
नंबर सड़कें भी सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील हैं।
विक्रमशिला पुल का पहुंच पथ नवगछिया की तरफ जाह्नवी चौक भी खतरनाक
माना गया है क्योंकि वहां भी दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं। इसके अलावा भागलपुर की बात करें तो यहां एनएच 80 पर जीरोमाइल से घोघा तक, नाथनगर का दोगच्छी, जगदीशपुर का टूटा पुल, कजरैली-अमरपुर रोड, विक्रमशिला पुल और पहुंच पथ के साथ ही लोदीपुर बायपास भी ब्लैक स्पॉट हैं।

उपाय हुए पर पर्याप्त नहीं, बिहपुर में ओवरटेक की वजह से हुआ था हादसा
दुर्घटना को लेकर ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर वहां कुछ उपाय किए जाने थे जिससे दुर्घटना में कमी लाई जा सके। नवगछिया से बिहपुर तक एनएच 31 पर कई जगह साइनेज लगाए गए हैं। कुछ जगहों पर सोलर लाइट भी लगायी गयी है पर वह भी पर्याप्त नहीं हो रहे। हाइवे पेट्रोलिंग का हाल भी खराब है। 13 जून की रात ट्रक की ठोकर से ऑटो पर सवार पांच बारातियों की मौत हो गई थी। उसकी जांच के लिए पुलिस पदाधिकारी और एनएच के अधिकारी के साथ ही डीटीओ फिरोज अख्तर भी गए थे। उन्होंने बताया कि दुर्घटना ऑटो चालक द्वारा ओवरटेक करने की वजह से हुई थी।














