बिहपुर । स्वतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन के लिए बिहपुर का ऐतिहासिक स्वराज आश्रम की साफ-सफाई व रंग-रोगन का कार्य पूरा कर लिया गया है। आश्रम में स्वतंत्रता दिवस समारोह पर होनेवाले झंडोत्तोलन के लिये सज-धज कर तैयार है। मालूम हो कि देश की आजादी की लड़ाई के दौरान यह आश्रम स्वतंत्रता सेनानियों की शरणस्थली बन गया था। स्वराज आश्रम में स्वतंत्रता सेनानियों का जमघट लगता था। फिरंगियों के कब्जे से इस आश्रम को मुक्त कराने के लिये देश के वीर सपूतों ने यहां कुर्बानी तक दी है। यहां के स्वतंत्रता सेनानियों के आंदोलन की गूंज पर 9 जून 1930 को देश के प्रथम राष्ट्रपति भरत रत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के कदम बिहपुर की धरती पर पड़े थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!1 जून 1930 को नशाबंदी को लेकर बिहपुर में स्वतंत्रता सेनानियों व ग्रामीणों ने गांजे व शराब की दुकान पर धरने पर बैठे थे। स्वतंत्रता सेनानी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने जमकर पीटा और कांग्रेस भवन को अपने कब्जे में ले लिया। फिरंगियों ने राष्ट्रीय झंडा, चरखा, सूत, खादी का कपड़ा आदि बाहर फेंक दिया।
2 जून को स्वतंत्रता सेनानियों ने कांग्रेस भवन को फिर से कब्जे में लेने के लिये बगीचे में बैठक की। 6 जून को दूसरी बैठक में फिरंगियों ने फिर से पीटा। यह मामला पटना तक पहुंचा तो 9 जून 1930 को उसी बगीचे में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, बलदेव सहाय, मुरली मनोहर प्रसाद, प्रो अब्दुल बारी समेत कई स्वतंत्रता सेनानी इकट्ठे हुए। जिस पर फिर फिरंगी लाठियां बरसीं।

फिरंगियों ने स्वराज आश्रम के गेट के पास राजेंद्र बाबू को घेर कर लाठी बरसाने लगे तो खरीक भवनपुरा के रामगति सिंह सहित अन्य क्रांतिकारियों ने उनके शरीर पर लेटकर उनकी जान बचाई थी। उसके बाद राजेंद्र बाबू को बिहपुर रेल थाने की हाजत में बंद कर दिया गया था। यहां के आंदोलन का जिक्र उस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्पादन में छपने वाले अखबार यंग इंडिया में भी प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।
इस आश्रम परिसर में इलाके के लड्डू कुंवर, पार्थ ब्रह्मचारी, फोदी मंडल, शिवधारी सिंह, सुखदेव चौधरी, शुकदेव यादव, बाला दास, जगदंबी चौधरी, नागेश्वर सेन, अर्जुन प्रसाद मिश्र, चामा शर्मा, त्रिशूलधारी सिंह, शेख करामात, राजेन्द्र झा आदि समेत अन्य कई स्वतंत्रता सेनानियों के नाम आज भी अंकित हैं। ये नाम हमें और भी गौरवान्वित एवं देश के प्रति समर्पण के लिये प्रेरित करता है।
