नवगछिया : नवगछिया में जाम की समस्या धीरे धीरे भयावह रूप लेती जा रही है. विक्रमशिला पुल, पहुच पथ एवं एनएच 31 पर जाम लगे रहने से जनजीवन अस्त व्यस्त सा हो गया है. जाम के कारण लोगों की जिंदगी ठहर सी गई है. एक सप्ताह के अंतराल के बाद एक बार फिर से नवगछिया में जाम भयावह रूप ले लिया है शुक्रवार से उत्पन्न हुई जाम की समस्या लगातार तीसरे दिन रविवार को भी यथावत थी. रविवार को विक्रमशिला पुल, पहुंच पथ पर जाम की स्थिति भयावह हो गयी है. विक्रमशिला पुल की स्थिति दिन भर सामान्य रही लेकिन शाम ढ़लते ही सेतु पर नवगछिया की ओर से लगभग डेढ़ किलोमीटर तक जाम लग गया. इधर नवगछिया की ओर विक्रमशिला पुल पहुंच पथ और नवगछिया जीरो माइल से लेकर मकंदपुर चौक तक एनएच 31 भी दोपहर बाद से ही पूरी तरह से जाम की जद से जूझता दिखा.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस दौरान कई आवश्यक सेवा के वाहन भी जाम में फंसे दिखे. नवगछिया एनएच 31 पर जाम लगने का सबसे बड़ा कारण सड़क के एक तरफ नो इंट्री में फंसे वाहनों की लंबी कतार है. सड़क पर ट्रकों को खड़ा कर दिये जाने के कारण सड़क स्वभाविक रूप से वन वे हो जाता है और वाहनों के परिचालन में ओवरटेकिंग होते ही देखते ही देखते जाम लग जाता है.

कुछ चौक चौराहों पर पुलिस जाम से जूझती जरूर नजर आती है लेकिन जाम की समस्या के निदान के लिए नवगछिया पुलिस को बेहतर याता यात व्यवस्था लागू करना होगा और यातायात कानून को सख्ती से लागू करना होगा. जब सड़के संकरी नहीं है तो जाम का कोई औचित्य ही नहीं है. अगर पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी चाहे तो नवगछिया में लगने वाले जाम से निदान पाया जा सकता है. इधर मुख्य सड़क पर जाम को देखते हुए बड़े और छोटे वाहनों का जाह्नवी चौक और तेतरी दुर्गा स्थान 14 नंबर सड़क पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गयी थी.
तेतरी कलबिलया धार के पास सड़क कच्ची रहने के कारण कई वाहन फंसे नजर आये. मालूम हो कि करीब तीन माह पहले उक्त स्थल पर सड़क ध्वस्त हो गया था. विभाग द्वारा सड़क पर मिट्टी भराई तो कर दिया गया लेकिन अभी तक सड़क को पक्कीकरण नहीं किया गया है. परवत्ता थानाध्यक्ष शिवकुमार यादव ने कहा कि ओवरटेकिंग जाम की सबसे बड़ी समस्या है. वे लोग देर रात तक जाम को हटाने का प्रयास कर रहे हैं.
