ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले अब ऑनलाइन भी भर सकेंगे जुर्माना, 15 अप्रैल से सभी प्रखंडों में कटेगा ई-चालान…

राष्टीय / अंतरराष्टीय

यातायात नियम तोड़ने वाले वाहन चालक या उसके मालिक ई-चालान कटने पर जुर्माने का भुगतान ऑनलाइन भी कर सकेंगे। ई-चालान कटने के जिनके पास पैसा नहीं है, उनके लिए यह सुविधा शुरू होने जा रही है। अभी तक लोगों को क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से भुगतान करने की सुविधा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि इस पर काम चल रहा है। परिवहन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से यह सुविधा बहाल करने की बात है। गाैरतलब है कि अभी शहर के आठ ट्रैफिक पोस्ट पर हैंडहेल्ड मशीन से ई-चालान काटा जा रहा है। राजधानी के बाद अब पटना जिले के 23 प्रखंडों में हैंडहेल्ड मशीन से ई-चालान काटा जाएगा। प्रखंडाें में 15 अप्रैल से ई-चालान सिस्टम शुरू हाेने की संभावना है। इसकी तैयारी में परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस लगी है। इधर राजधानी के ट्रैफिक पुलिस के जवान हैंडहेल्ड मशीन को चलाना सीख रहे हैं, साथ ही ई-चालान काट भी रहे हैं। ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात करीब 80 प्रतिशत जवान इसे चलाना सीख गए हैं।

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पैसे नहीं होने पर 7 दिनों में भरना हाेगा

अगर ट्रैफिक नियम तोड़ते पकड़े जाते हैं अाैर आपके पास पैसा नहीं है, तो सात दिनाें के अंदर ट्रैफिक एसपी कार्यालय में फाइन जमा कर सकते हैं। एेसा नहीं करेंगे ताे जब आप गाड़ी के परमिट का रिन्युअल कराने जाएंगे ताे जुर्माना जमा करना पड़ेगा। उसी तरह अगर इंश्योरेंस कराने जाते हैं तब भी बकाया जुर्माना भरना होगा।

राजधानी में अब लहरिया बाइकर्स की कसेगी नकेल

राजधानी की सड़कों पर जल्द ही लहरिया बाइकर्स की नकेल कसेगी। अगर ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करके स्पीड से भागते हैं तो हैंडहेल्ड डिवाइस बाइकर्स और गाड़ी के नंबर का फोटो खींच लेगा। नहीं पकड़े जाने पर गाड़ी नंबर से जुर्माना किया जाएगा। लहरिया बाइकर्स को नहीं बख्शा जाएगा।

ई-रिक्शा के लिए तय होंगे मार्ग व गाड़ियों की संख्या

पटना| राजधानी में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। उनके लिए रूटों का निर्धारण होगा। इसके साथ ही धुआं उगलने वाले ऑटो को ई-रिक्शा से रिप्लेस किया जाएगा। रूटों के निर्धारण के साथ ही चालकों को पहचानपत्र और ई-रिक्शा कोड दिया जाएगा। पहचानपत्र में चालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, गाड़ी नंबर, ई-रिक्शा कोड रहेगा। हर रूट पर ई-रिक्शा का परिचालन आबादी के मुताबिक होगा। इसमें बिजनेस सेंटर, मार्केट, स्टेशन, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय आदि का भी ध्यान रखा जाएगा। शुरुआत में उन रूटों पर ई-रिक्शा के साथ ही डीजल से चलने वाले ऑटो भी चलेंगे। धीरे-धीरे डीजल से चलने वाले ऑटो को बंदकर उसका स्थान ई-रिक्शा ले लेगी। ई-रिक्शा खरीदने के लिए सरकार चालकों को मदद भी देगी। ई-रिक्शा के परिचालन की मॉनिटरिंग डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। इसमें एसपी, आरटीओ सचिव, एडीएम, डीडीसी, ट्रैफिक पुलिस के प्रतिनिधि, डीटीओ, एमवीआई, पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता और नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी शामिल होंगे। हर माह बैठक कर ई-रिक्शा के परिचालन की समीक्षा होगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पटना को प्रदूषणमुक्त बनाने की कवायद चल रही है।

चालकों को दी जाएगी ट्रेनिंग|ई-रिक्शा हल्की है। उसका पहिया बाहर की तरफ निकला रहता है। इससे अक्सर पलट जाती है। सुरक्षित ई-रिक्शा चलाने के लिए चालकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग वेटनरी कॉलेज में दी जाएगी। ट्रेनिंग मुफ्त होगी। महिला चालकों को ई-रिक्शा चलाने की ट्रेनिंग के साथ ही आत्मरक्षा के उपाय भी सिखाए जाएंगे। डीटीओ अजय कुमार ठाकुर ने कहा कि ई-रिक्शा के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। पटना की सड़कों पर प्रदूषण रोकने के लिए बैटरीचालित वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। धीरे-धीरे धुआं उगलने वाली गाड़ियों को हटाया जाएगा।