भागलपुर हवाई अड्डा का गेट मुंह चिढ़ा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि वर्तमान में जिस जगह हवाई अड्डा है वहां से घरेलू विमान सेवा मुश्किल है। करोड़ों खर्च करने के बाद तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए अब प्रशासन ने हवाई अड्डा से घरेलू विमान सेवा शुरू की संभावना की तलाश तेज कर दी है। वर्तमान हवाई अड्डे में पूर्व डीएम आदेश तितरमारे के समय बनी योजना पर अभी काम किया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हालांकि वहां की सारी व्यवस्था वीआईपी के लिए की जा रही है। घरेलू विमान के सपनों के बीच सच यही है कि अभी यहां सिर्फ वीआईपीज के विमान ही उतरेंगे। दूसरी ओर घरेलू हवाई सेवा शुरू करने के लिए जिला प्रशासन ने हवाई अड्डा के लिए जमीन की तलाश शुरू की है। उद्देश्य यह है कि मानक के मुताबिक रन-वे के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। इसके लिए डीएम ने जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा है। इसी कड़ी में मंगलवार को सदर डीसीएलआर संजय कुमार सिन्हा ने अनुमंडल के सभी सीओ को हवाई अड्डा के लिए 200 एकड़ जमीन का प्रस्ताव शीघ्र भेजने का निर्देश दिया है। संभावना है कि सप्ताह भर के अंदर जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव जिला प्रशासन को मिल जाएगा।

अभी जहां हवाई अड्डा है, वहां की जमीन कम है। इस कारण रन-वे की लंबाई नहीं बढ़ाई जा सकती है। इस कारण रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत भागलपुर से घरेलू विमान सेवा अब तक शुरू नहीं की जा सकी है।
हवाई अड्डा का चकाचक मुख्य गेट। हाल ही में चहारदीवारी की मरम्मत व गेट का निर्माण हुआ है।
बीते डेढ़ साल के अंदर 1.32 करोड़ खर्च हुए
हवाई अड्डा के विकास के लिए बीते डेढ़ साल के अंदर 1.32 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। 34 लाख रुपए से लाउंज का निर्माण हुआ। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इसके बाद 98 लाख की लागत से चहारदीवारी की मरम्मत और भव्य गेट का निर्माण किया गया। हालत यह है कि इतने रुपए खर्च किए जाने के बाद भी उसके रख-रखाव व देखभाल की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। अब 1.95 करोड़ और खर्च करने की योजना है। इससे रन-वे और वहां तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण होगा। इसके टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने की स्थिति में है। संभावना जताई जा रही है कि 15 दिनों के अंदर टेंडर फाइनल हो जाएगा।

15 अक्टूबर के बाद से काम शुरू होगा। तब तक बरसात का मौसम भी खत्म हो जाएगा। चयनित ठेकेदार को माहभर के अंदर दोनों काम पूरा करना है। इसमें 3600 फीट लंबे और 100 फीट चौड़े रन-वे का निर्माण होगा। जबकि मुख्य द्वार से रन-वे तक पहुंचने के लिए सात मीटर चौड़ी सड़क भी बनेगी। अब तक इस सड़क की चौड़ाई करीब 3.5 मीटर है। टेंडर भवन निर्माण विभाग की ओर से निकाला गया है। विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रामाज्ञा कुमार ने बताया कि बरसात के बाद काम शुरू होगा। जिन ठेकेदारों ने टेंडर डाला है, उसे फाइनल करने के लिए मुख्य अभियंता के यहां भेजने की तैयारी की जा रही है।
उधर, वीआईपी के लिए खर्च होंगे और 1.95 करोड़, 34 लाख से लाउंज बने… 98 लाख चहारदीवारी की मरम्मत व भव्य गेट बनाने में खर्च कर दिये
