पटना, कानपुर, आगरा के लिए मेट्रो और मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल सिस्टम के लिए पब्लिक इन्वेंस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) में सहमति बन गई है। इसमें अहमदाबाद मेट्रो का फेज दो भी शामिल है। अब इन प्रस्तावों को कैबिनेट के सामने ले जाया जाएगा। सरकार की कोशिश लोकसभा चुनावों के पहले इन परियोजनाओं को शुरू कर इन शहरों से जुड़े लोगों को तोहफा देने की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले पीआईबी की बुधवार को दो दौर में हुई बैठकों में इन पर सहमति बनी है। बैठक में वित्त मंत्रालय के वित्त सचिव (व्यय), शहरी विकास मंत्रालय के सचिव, नीति आयोग के प्रतिनिधि, रेलवे बोर्ड, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के साथ संबंधित राज्यों के अधिकारी मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार अब इन मामलों को जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट के सामने लाया जाएगा, ताकि मंजूरी के साथ जल्द शुरुआत की जा सके। लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा मार्च के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। ऐसे में सरकार की कोशिश इन सभी परियोजनाओं का शिलान्यास इसी महीने करने की है।

पांच साल में पूरी होगी पटना मेट्रो
प्रस्ताव के मुताबिक पटना मेट्रो को पांच साल में पूरा कर लिया जाएगा। शहर में दो मेट्रो कोरीडोर बनाए जाने हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों में लोगों को मेट्रो से भारी राहत मिलेगी।
अध्यक्ष व निदेशक ने दी प्रस्तुति
पीआईबी के समक्ष बिहार सरकार के नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सह पटना मेट्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएमसीएल) के अध्यक्ष चैतन्य प्रसाद व विभाग के विशेष सचिव सह पीएमसीएल निदेशक संजय दयाल ने पूरी परियोजना की प्रस्तुति दी। श्री प्रसाद ने बताया कि पटना मेट्रो के बनने से यात्री सुविधा का स्थानीय स्तर पर विकास होगा। बैठक में पटना मेट्रो के नोडल अधिकारी मनोज कुमार भी मौजूद थे
