नवगछिया : भवानीपुर नारायणपुर थाना क्षेत्र के मौजमा गांव में प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या कर शव को भुसखार में छुपा देने का मामला प्रकाश में आया है. गुरूवार को दोपहर बच्चों द्वारा लुका छिपी खेलने के क्रम में इस बात का खुलासा हुआ कि लखना मोर स्थित मनोज साह के भूसखार में शव है. ग्रामीणों को मामले की जानकारी के मिलने के बाद सूचना पुलिस को दी गयी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब बोरा खोला तो लोग स्तब्ध रह गये. महज तीन फीट के बारे में युवक का शव ठूंस दिया गया था.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!– बच्चे खेल रहे थे लुका छिपी तो पता चला भूसखार में रखा है शव
– महज तीन दिन पहले बैंगलुरू से दीपावली मनाने आया था घर
– नवटोलिया मंडल टोला का था निवासी जबकि मौजमा की लड़की से चल रहा था प्रेम प्रसंग
– पहले युवक को बांध कर की गयी जबरदस्त पिटाई, फिर गला रेत कर की गयी हत्या, खून को छुपाने के लिए सर को पोलोथीन से किया पैक फिर महज तीन फीट के बोरे में कस कर भूसखार में छुपा दिया
– पुलिस ने मृतक की प्रेमिका, पिता श्रवण दास, भाई मनोरंजन से कर रही है पूछ ताछ
युवक के दोनों हाथ को पीछे कर बांध दिया गया था, गले में रस्सी को मोटा फंदा भी बंधा था और हत्या गला रेत कर की गयी थी. सर को पोलोथीन से सील कर दिया गया था. छानबीन के बाद आसानी से यह ज्ञात हो गया कि मृतक नवटोलिया मंडल टोला का निवासी विलास मंडल उर्फ रमेश कुमार रंजन के 24 वर्षीय पुत्र उत्तम कुमार का है.

पुलिस ने इस मामले में त्तकालिक कार्रवाई करते हुए उसकी कथित प्रेमिका मौजमा निवासी रेशमी कुमारी, उसके पिता श्रवण दास और भाई मनोरंजन दास को हिरासत में लेकर पूछ ताछ कर रही है तो दूसरी तरफ पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है. समाचार लिखे जाने तक शव अनुमंडल अस्पताल में ही रखा था. मामले की प्राथमिकी मृतक के पिता के बयान पर दर्ज की गयी है जिसमें श्रवण दास, मनोरंजन कुमार दास, मनीष कुमा दास, रेशमी कुमारी, अढ़ूला देवी, खगड़िया के बेलदौड़ पीनगरा निवासी राजीव कुमार को नामजद किया गया है.
दीपावली मनाने घर आया था उत्तम
परिजनों एवं युवक के पिता का कहना है कि उत्तम तीन दिन पहले घर आया था. परिजनों ने प्राथमिकी में भी इस बात को स्वीकार किया है कि उत्तम का प्रेम प्रसंग मौजमा गांव के श्रवण दास की पुत्री रेशमी कुमारी से चलता है. इसको लेकर छ: माह पहले विवाद भी हुआ था. उस समय श्रवण दास और उसके पुत्र मनोरंजन उर्फ फंटुश ने धमकी दी थी कि अगर दोबारा उसके घर के आस पास दिखायी देगा तो उसकी हत्या कर देंगे. मृतक के परिजनों का कहना है कि इसके बाद उत्तम को बैंगलुरू काम करने भेज दिया.

29 अक्तूबर को उत्तम दीपावली के अवसर पर घर आया. 31 अक्तूबर को रात साढ़े नौ बजे श्रवण दास का पुत्र घर पर आया और यह कह कर उत्तम को लेकर गया कि उसके घर में आज पार्टी है. जब उत्तम रात भर नहीं आया तो गुरूवार की सुबह उनलोगों ने उत्तम की तलाश करना शुरू किया. जब मौजमा के श्रवण दास से पूछा गया तो श्रवण ने का जबाव संदेहास्पद लगा और उसने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और घबराकर अपना दरवाजा बंद कर लिया. इसके बाद खोजबीन के क्रम में पता चला कि लखना मोर के पास एक भूसखार में एक युवक का शव है. शव को जा कर देखा तो वह श्रवण का ही शव था. उसकी हत्या निर्ममता से की गयी थी. भवानीपुर नारायणपुर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछ ताछ भी कर रही है.
