नवगछिया: गंगा नदी के जल स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण इस्माइलपुर प्रखंड का जिला एवं अनुमंडल मुख्यालय से पूरी तरह से संपर्क भंग हो गया है. इस्माइलपुर प्रखंड कार्यालय और अंचल कार्यालय भी पूरी तरह से जलमग्न हो गया है. सोमवार को देर शाम इस्माइलपुर प्रखंड व अंचल कार्यालय इस्माइलपुर से नवगछिया में शिप्ट कर गया है. लोगों की आवागमन की समस्या को देखते हुए अब तक प्रशासनिक स्तर से ग्यारह नौकाओं की व्यवस्था की गयी है. जबकि इस्माइलपुर प्रखंड के लोगों की मानें तो कम से कम चालीस नावों की जरूरत है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रखंड के करीब साठ हजार की आबादी प्रभावित हो गयी है. प्रखंड के सभी सड़क या तो ध्वस्त हो गये हैं या फिर सड़क पर
एक से दो फीट गंगा नदी के जल स्तर का प्रवाह हो रहा है. लोगों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य और भोजन की हो रही है. अधिकांश लोग बांधों या उंचे जगहों पर शरण लिये हुए हैं. जबकि प्रशासनिक स्तर से अभी तक पीड़ितों के लिए मुकम्मल राहत की व्यवस्था नहीं की गयी है. स्थानीय लोगों ने बताया कि उनलोगों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या में भोजन, पेयजल, शौचालय और आवागमन की समस्या है.

स्पर एक पर बनाया गया राहत शिविर, लेकिन नहीं पहुंच रहे पीड़ित
स्पर एक पर प्रशासनिक स्तर से राहत शिविर की व्यवस्था की गयी है. लेकिन यहां ग्रामीण पहुंच ही नहीं रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि स्पर एक काफी दूर है. इस कारण वे लोग अपने अपने घरों के सामानों को छोड़ कर कैसे जायेंगे. ग्रामीणों ने कहा कि उनलोगों के घर के पास ही अगर राहत शिविरों की व्यवस्था की जाय तो निश्चित रूप से इसका फायदा वे लोग ले पायेंगे. मालूम हो कि स्पर एक पर प्रशासनिक स्तर से लाइटिंग, पशु चारा, खाने की व्यवस्था आदि कई इंतजाम किये गये हैं लेकिन यह राहत शिविर उपयोगी सिद्ध
नहीं हुआ है.

सीओ ने कहा
इस्माइलपुर प्रखंड के अंचलाधिकारी सुरेश प्रसाद ने कहा कि सोमवार इस्माइलपुर प्रखंड मुख्यालय और अंचल कार्यालय में पानी भर जाने के कारण दोनों कार्यालयों को नवगछिया शिप्ट कर लिया गया है. पीड़ितों के लिए राहत की व्यवस्था की गयी है. उन्हें दिक्कत नहीं हो इसका ध्यान रखा जा रहा है.
