अलग अलग नौ वाहनों पर शनिदेव का शुभफल और अभुभ फल
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शनि देव को हिन्दू धर्म में न्याय का देवता माना जाता है. कई लोग इन्हें कठोर मानते हैं क्योंकि इनके प्रकोप से बड़े से बड़ा धनवान भी दरिद्र बन जाता है. परंतु ऐसा सही नहीं है. दरअसल शनि देव न्याय के देवता हैं और उनका न्याय निष्पक्ष होता है. निष्पक्ष न्याय में दंड भी मिलता है.


शनिदेव का वाहन हंस शनि की का वाहन हंस हो तो बहुत शुभ होता है. अपनी बुद्धि औए मेहनत करके भाग्य का पूरा सहयोग ले सकते है. इस अवधि में आर्थिक में सुधार देखने को मिलता है. हंस को शनि के सभी वाहनों में सबसे अच्छा वाहन कहा गया है.
शनिदेव का वाहन मोर शनि की का वाहन मोर हो तो शुभ फल होता है. इस समय अपनी मेहनत के साथ-साथ भाग्य का साथ भी मिलता है. इस दौरान समझदारी से काम करने पर बड़ी-बड़ी परेशानी से भी पार पाया जा सकता है.
शनिदेव का वाहन सियार यदि शनि का वाहन सियार हो तो शुभ फल नहीं मिलता है. इस दौरान अशुभ सूचनाएं अधिक मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती है. इस स्थिति में बहुत ही हिम्मत से काम लेना होता है.
शनिदेव का वाहन भैंसा यदि शनिदेव का वाहन भैंसा हो तो मिला-जुला फल प्राप्त होता है. इस स्थिति में समझदारी और होशियारी से काम करना ज्यादा बेहतर होता है. यदि सावधानी से काम नहीं लेंगे तो कटु फलों में वृद्धि होने की संभावना बढ़ जाती है.
शनिदेव का वाहन कौआ शनि का वाहन कौआ हो तो इस अवधि में कलह में बढ़ोतरी होती है. परिवार या दफ्तर में किसी मुद्दे को लेकर कलह या टकरावों की स्थिति से बचना चाहिए. इस समय में शांति, संयम और मसले को बातचीत से हल करने का प्रयास करना चाहिए.
शनि देव का वाहन हाथीशनि का वाहन हाथी हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता है. यह लोगों की आशा के विपरीत फल देता है. इस स्थिति में साहस और हिम्मत से काम लेना चाहिए.
शनिदेव का वाहन सिंह शनि की सवारी सिंह हो तो शुभ फल मिलता है. इस समय समझदारी और चतुराई से काम लेना चाहिए इससे शत्रु पक्ष को परास्त करने में मदद मिलती है.
शनिदेव का वाहन घोड़ा यदि शनिदेव का वाहन घोड़ा हो तो शुभ फल मिलते हैं. इस समय समझदारी से काम लें तो अपने शत्रुओं पर आसानी से विजय पा सकते हैं. घोड़े को शक्ति का प्रतिक माना जाता है, इसलिय व्यक्ति इस समय जोश और उर्जा से भरा होता है.
शनिदेव का वाहन गधा जब शनिदेव का वाहन गधा होता है तो यह शुभ नहीं माना जाता, शुभ फलों को मिलने में कमी होती है. इस स्थिति में कार्यों में सफलता प्राप्त करने में लिए काफी प्रयास करना होता है.
