नवगछिया : नवगछिया थाना चौक पर आईस फेक्ट्री के संचालक रामचंद्र साह की हत्या के बाद से ही ब्रजेश यादव पुलिस के टारगेट पर था. जिस तरह ब्रजेश यादव ने रामचंद्र साह की हत्या संध्या समय थाना चौक पर की थी उससे इलाके में दहशत फैल गया था. ब्रजेश यादव ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर हाल में सर्व प्रथम नगरह पंचायत के पंचयात समिति सदस्य पति सुनील शर्मा की हत्या की घटना को अंजाम दिया. इसके कुछ दिन बाद ही रंगरा ओपी के भवानीपुर टॉवर चौक के पास चंद्रशेखर यादव की हत्या की घटना को अंजाम दिया.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चंद्रशेखर की हत्या के बाद पुनः भूमि गत हो गया ओर अपने अगले टारगेट पर ध्यान केंद्रित कर दिया. रामचंद्र साह की हत्या के बाद पुलिस ब्रजेश यादव व उनके गिरोह की तलाश में जुट गई. ब्रजेश यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दोनों लगतार दबिश बनाना शुरू कर दिया था. पुलिस की कार्रवाई को देख ब्रजेश यादव यहां से पलायन कर गया. वहीं ब्रजेश का भाई छबला यादव भी रंगरा छोड़ दिया था.

इधर पुलिस ब्रजेश यादव के फरार होने पर उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी एसटीएफ को दी. एसटीएफ की टीम ब्रजेश की गिरफ्तारी के लिए कार्य करना शुरू कर दिया. हाल में जब ब्रजेश के भाई छबला यादव की हत्या कुर्सेला में अपराधियों द्वारा कर दी गई. हत्या के बाद एसटीएफ टीम को जानकारी मिली कि भाई के श्राद्ध कर्म में ब्रजेश यादव आने वाला है.
एसटीएफ की टीम ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जल बिछया. जानकारी के अनुसार ब्रजेश यादव समस्तीपुर में ही एसटीएफ टीम के नजर में आ गया था. समस्तीपुर से ही एसटीएफ की टीम ब्रजेश पर नजरबनाए हुए थे. टीम ने इसकी सूचना नवगछिया पुलिस को दी थी. जैसे ही ट्रेन नवगछिया स्टेशन पहुंची ट्रेन से उतरने के बाद ब्रजेश यादव को एसटीएफ की टीम व नवगछिया पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
