
नवगछिया : मुकेश कुमार, (चौसा) चौसा प्रखंड के मुख्य बाजार स्थित वासुदेव प्रसाद गुप्ता मध्य विद्यालय चीरोरी से सेवानिवृत्त शिक्षक तथा माता श्री युवा देवी पूर्व का घर भागलपुर जिले से तालुकात थे बाद मे चौसा प्रखंड के भवनपुरा बासा मे रहने लगे अधिक जमीन-जायदाद रहने से चौसा प्रखंड के बस स्टैंड स्थित वासुदेव प्रसाद गुप्ता ने जमीन खरीद कर मकान की छत दार भवन निर्माण कर अपने तीनों पुत्र व अपने परिवार के साथ रहने लगे पहला पुत्र गौतम गुप्ता दुसरा शीलभद्र गुप्ता, तीसरे पुत्र सत्यप्रकाश गुप्ता उर्फ बिदूर, के भरन पोषण कर रह रहे थे.

शीलभद्र गुप्ता आर्दश उच्च विद्यालय तुलसीपुर नवगछिया भागलपुर से मेट्रीक पास कर लालू प्रसाद यादव के सरकार के राज मे शिक्षक के बहाली मे प्रारंभिक परीक्षा मे हेरा फेरी व तेरी मेरी कर उत्तीर्ण होकर मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय अठगामा मे शिक्षक के रूप नियुक्ति हुआ. नियुक्ति के बाद से ही बिना एक भी दिन बच्चों को पठन-पाठन करवाये, शिक्षा विभाग के अधिकारी के मिली भगत कर हर महीने का वेतन पाते रहे. इसी दौरान शीलभद्र गुप्ता सेटिंग गेटिग कर पटना मे ही अपना डेरा डाल दिया और शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवती को नौकरी का झांसा देकर ठगने का धंधा शुरू कर दिया.
कुछ ठग किस्म के लोगो से मोटी रकम खर्च के रूप मे लेकर विभिन्न विभाग के सरकारी नौकरी के नाम पर सेटिंग गेटिग करते रहे जिसमे इनकी पहूँच उच्च अधिकारी, विधायक, मंत्री आदि से भी रहा. इसी दौरान चौसा, घोषई, कलासन, कदवा, आलमनगर, दर्जनो शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी का झांसा दे कर रूपया वसूली का गोरखधंधा चलाता रहा लेकिन किसी को भी नौकरी नहीं मिली. मिला भी तो सिर्फ ठगी और निराशा हद तो तब दिखा जब दिपावली के दिन सभी के घर द्वार पर दीपक जली वासुदेव गुप्त के पुत्र शीलभद्र के घर भूत बंगला के समान अंधेरा छाया रहा तभी मालूम हुआ कि शीलभद्र गुप्ता कटिहार जिले के किसी पंचायत के सरकारी स्कूल मे बिना बहाली के रेलवे विभाग की परीक्षा ले रहे थे उसी दौरान ग्रामीणों को पता चला कि फर्जी तरीके से परीक्षा लिया जा रहा है.
वहां के अधिकारी ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्यवाही करते हुए फौरन शीलभद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिये पुनः शीलभद्र गुप्ता जेल से बाहर निकल के बाद लोगे से रूपया मांगना शुरू कर दिया. इसी दौरान वो चौसा के अपने निवास, (जिसमें वर्तमान मे भारतीय स्टेट बैंक एवं एटीएम युवा गैस एजेंसी है) सभी जमीन जायदाद अपने परिवार के नाम कर रूपया लेकर स्थाई रूप से चौसा छोड़ कर पटना रहने चले गए. शिक्षित युवा रूपया के लिए तरस खाते हुए अपनी रूपये को त्याग दिया. कितने को छोटी मोटी नौकरी भी दिलवाया और कुछ लोगो को रूपया वापस भी किया गया.
हालांकि शीलभद्र गुप्ता का नौकरी दिलाने व नौकरी के नाम पर रूपया ठगने का सिलसिला दिन-प्रतिदिन फलता फूलता रहा बाद में वो सचिवालय सहायक के पद पर अपना सेटिंग गेटिग करा कर नौकरी ले पटना मे स्थाई रूप से शिफ्ट हो गया और आलमनगर प्रखंड अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय अठगामा से त्यागपत्र दे दिया. शीलभद्र गुप्ता द्वारा सचिवालय सहायक पद पर रहते हुए भी जाल फरेबी का सिलसिला लगातार चलता रहा बिहार कर्मचारी चयन आयोग के परीक्षा मे प्रश्न पत्र लिक मामले में संलिप्तता मिलने के कारण पुनः एक बार जल संसाधन विभाग के सचिवालय में सहायक पद पर रहते हुए शीलभद्र गुप्ता को पटना पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
मालूम हो कि मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड के सेवानिवृत्त शिक्षक वासुदेव प्रसाद गुप्ता के द्वितीय पुत्र शीलभद्र गुप्ता है जो चौसा में भी नौकरी के नाम पर रूपया ठगने के लिये चर्चित रहा है. शीलभद्र गुप्ता के बड़े भाई सरकारी शिक्षक भी है और गुप्त एजुकेशन सेन्टर के संचालक के रूप मे जाने जाते है छोटे भाई सत्यप्रकाश गुप्ता उर्फ बिदूर जी युवा गैस एजेंसी के संचालक और हिरो शो रूम चौसा के पार्टनरशीप भी है मालूम हो कि वासुदेव प्रसाद गुप्ता के ही मकान मे एटीएम, भारतीय स्टेट बैंक, अवस्थित है शीलभद्र गुप्ता के गिरफ्तारी से उनके परिवार वालों में मायूसी सी देखी रही है













Leave a Reply