नवगछिया प्रखंड के जमुनिया स्थित मध्य विद्यालय जमुनिया बालक में संध्या होने के बावजूद तिरंगा झंडा नहीं उतारने, विद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, शिक्षकों की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों ने विद्यालय में शनिवार को तालाबंदी कर धरना पर बैठ गए। वहीं रात में झंडा उतारने विद्यालय गये शिक्षक को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विरोध के बाद शनिवार देर शाम डीईओ फूल बाबू चौधरी यमुनिया पहुंचे और वार्ता के बाद झंडा उतारा गया। मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. सरफराज आलम को निलंबित कर दिया गया। लोगों ने बताया कि 26 जनवरी की शाम तक जब शिक्षकों ने झंडा नहीं उतारा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पदाधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद सूचना पाकर शुक्रवार देर रात झंडा उतारने शिक्षक विद्यालय पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया। इस कारण झंडा दो दिनों तक फहराता रहा। शनिवार को परबत्ता थानाध्यक्ष शिव कुमार जब झंडा उतरवाने गए तो ग्रामीणों ने उनकी भी बात नहीं मानी। देर रात जमुनिया गए नवगछिया बीडीओ राजीव रंजन की भी ग्रामीणों ने नहीं सुनी।
विद्यालय में जड़ा ताला और धरना पर बैठ गये ग्रामीणशनिवार को ग्रामीणों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर गेट पर धरना पर बैठ गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवेदन देने के बाद भी आजतक कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व प्रधानाध्यापक नवीन यादव ने गलत तरीके से अपनी पत्नी को सचिव बना दिया। विद्यालय का भवन बनाये बिना नौ लाख रुपये निकाल लिया। शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की मिलीभगत से मध्याह्न भोजन मद से रुपये की निकासी करते रहे। इस बारे में कई बार ग्रामीणों ने आवेदन दिया। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और आज भी वह शिक्षक उसी विद्यालय में कार्यरत है।


ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षकों का जब मन होता है तब आते हैं और चले जाते हैं। पढ़ाई ठप है। शिकायत करने पर गाली-गलौज करने पर उतारु हो जाते हैं। डीईओ के आश्वासन पर उतारा गया झंडाडीइओ के जमुनिया पहुंचते ही ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे पूर्व सांसद अनिल यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मंडल, जिला पार्षद बिपिन मंडल के साथ कई ग्रामीणों से बात की। लोगों ने डीईओ को लिखित मांगों की कॉपी सौंपी, जिसमें शिक्षकों का तबादला करने, भवन निर्माण की राशि निकासी के बाद भी भवन निर्माण नहीं होने, भवन निर्माण के साथ ही आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई करने, सचिव कुंदन देवी की नियुक्ति की जांच करने, धरना पर बैठे लोगों पर कानूनी कार्रवाई नहीं करने आदि मांगें शामिल हैं।

इसके बाद उन्होंने सभी मांगों पर एक सप्ताह में कार्रवाई करने आश्वासन दिया। साथ ही राष्ट्रीय झंडा का अपमान करने के आरोप में बिहार सरकारी सेवक नियमावाली 2005 के भाग चार के नियम नौ के तहत प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में प्रभारी प्रधानाध्यापक का मुख्यालय प्रखंड कार्यालय बिहपुर होगा। वहीं प्रभारी प्राचार्य के आवेदन पर आठ ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। मध्य विद्यालय जमुनिया बालक के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. सरफराज आलम को राष्ट्रीय झंडा समय पर नहीं उतारने और राष्ट्रीय झंडा के अपमान करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीणों की मांगों पर एक सप्ताह में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।फूल बाबू चौधरी, डीईओ
