नवगछिया : मातम में बदली शादी की खुशी.. बरातियों से भरे ऑटो में ट्रक ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत

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नवगछिया। दुल्हन की डोली उठने से पहले पांच लोगों की अर्थी उठने से खुशियां मातम में बदल गयी। दूल्हे के पिता, मौसा, दो चाचा व एक ग्रामीण की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत से पूरा इलाका शोकाकुल हो गया था। घटना देर रात नवगछिया के झंडापुर सहायक थाना क्षेत्र के जनता दरबार ढाबा के समीप घटी। वहां पर नारायणपुर की ओर से आ रहे एक ट्रक बारात से भरे ऑटो को रौंदते हुए भाग गया। सड़क दुर्घटना में दुल्हे के पिता छोटू मंडल, मौसा गजाधर मंडल, चाचा मंटू मंडल, पिंकू मंडल एवं ग्रामीण गजेंद्र साह की मौत हो गई। वहीं दूल्हे का बड़ा भाई बिपिन दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

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इंतजार था दुल्हन का आया पति का शव, दो बहन एक साथ हुई विधवा :

पुत्र के दुल्हन के इंतजार में बैठी मां के सामने पति का शव आया। भीषण हादसे के बाद जहां शादी की शहनाई बज रही थी, वहां दोनों ही परिवार में चीख-पुकार मचने लगी। जहां डोली उठना था वहां एक ट्रक पर पांच पांच लोगों का शव घर पहुंचा। शव पहुंचते ही महिलाओं की चीख पुकार गूंजने लगी। दूल्हे की मां रंजू देवी, बहन टुन्नी देवी, मौसी मंजू देवी का रो-रोकर हाल बुरा था। दुल्हन का इंतजार कर रही दुल्हे की मां ने अपने पति के शव को देखकर दहाड़ मारकर रो रही थी। वह बार बार अपने नसीब को कोस रही थी और कह रही थी की ऐसा दिन भी हमारे नसीब में लिखा था की बेटे की शादी के दिन दोनों बहन विधवा हो गई। इस मातमी घटना में गांव के कई जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग पहुंचकर परिजनों को अस्पताल में ढांढस दे रहे थे। बिरौली के जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मनोज गुप्ता ने बताया कि सोमवार को जहां खुशी-खुशी बैंड बाजा के साथ बारात निकली थी, वहीं आज पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।

फेरे की जगह दूल्हा लाश उठा रहा था :

शादी के सात फेरे लेकर अपना गृहस्थ जीवन शुरू करने का सपना देख रहे दूल्हे वरुण ने सपने में भी नहीं सोचा होगा की तकदीर उसके साथ ऐसा मजाक करेगी। शादी के सात फेरे की जगह वह खून से लथपथ अपने परिवार वालों का शव ढो रहा था। एकाएक वह अपने पिता के शव पर दहाड़ मारकर रोने लगता था।

पिंकू की मौत से किरण देवी पर गिरा विपत्ति का पहाड़ :

दुर्घटना में दूल्हे के चाचा पिंकू की मौत से पत्नी किरण देवी पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है। किरण देवी को चार पुत्र पुत्रियों में बड़ा बेटा सूरज मानसिक रोगी है। अन्य आरती, अर्चना और मनीष अभी छोटे हैं। परिवार में पिंकू ही एक मात्र कमाने वाला था। पिंकू की मौत से बच्चे अनाथ हो गए हैं। उनके सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है।

पिता के शव पर दहाड़ मार कर रो रही थी बेटियां :

दूल्हे के मौसा उदाकिशुनगंज मधेपुरा निवासी गजाधर मण्डल किसान थे। दुर्घटना में उसकी मौत पर उसकी दोनों बेटियां मंजू देवी और फूल कुमारी दहाड़ मारकर रो रही थी। वहीं पुत्र पवन भी फूटफूट कर रो रहा था। अनुमण्डल अस्पताल में परिजनों की चीख सुनाई दे रही थी।

ट्रक चालक पर दर्ज हुई प्राथमिकी :

दुर्घटना के बाद फरार ट्रक चालक पर मृतक के चाचा के बयान पर प्रथमिकि दर्ज की गई। एसडीपीओ दिलीप कुमार ने कहा कि ट्रक चालक पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस अपनी कार्रवाई में जुट गई है।