नवगछिया टॉयलेट एक प्रेम कथा रिटर्न : घर में शौचालय नहीं देख ससुराल छोड़ जाने लगी दुल्हन -Naugachia News

कदवा

 

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

ढोलब्ज्जा  : दियारा इलाकों में भी शौचालय निर्माण को लेकर सुगबुगाहट लोगों में जगने लगी है. घर में शौचालय नहीं होने पर एक नई नवेली दुल्हन अपने ससुराल से दूसरे ही दिन घर में शौचालय नहीं होने पर ससुराल छोड़कर जाने लगी. पंचायत के बाद दो दिनों के अंदर शौचालय निर्माण के आश्वासन के बाद दुल्हन ससुराल में रुकने को तैयार हुई. यह घटना नवगछिया प्रखंड के ढोलबज्जा पंचायत के वार्ड नंबर एक की है. ढोलबज्जा पंचायत के वार्ड नंबर एक निवासी योगेंद्र मिस्त्री के पुत्र रुदल मिस्त्री जो पेशे से लोहार है की शादी दो दिन पूर्व बड़े ही धूमधाम व बाजे गाजे व बारात के साथ पूर्णिया जिले के रुपौली थाना क्षेत्र के डोभा पंचायत में संम्पन्न हुई थी.

★ दुल्हन को रोकने को बैठी पंचायत, शौचालय निर्माण के आश्वासन पर रुकी दुल्हन

★ नवगछिया प्रखंड के ढोलबज्जा पंचायत के वार्ड एक की घटना, दो दिन पूर्व हुई थी शादी

शादी के बाद जब दुल्हन अपने ससुराल आई तो अगले ही सुबह वह ससुराल से जाने को तैयार थी. दुल्हन के द्वारा दूसरे ही दिन ससुराल को छोड़कर जाने की बात आसपास फैल गई. इसके बाद आसपास के लोग योगेंद्र मिस्त्री के घर जमा हो गए. लोगों में जब दुल्हन के एकाएक ससुराल छोड़कर जाने की पूरी जानकारी ली. कारण पता चला की दुल्हन ससुराल छोड़कर इसलिए जा रही है कि उसके घर में शौचालय नहीं है. बताया जाता है कि दुल्हन शादी के बाद जब अपने मायके से अपने ससुराल आई तो दूसरे दिन सुबह शादी में आए रिश्तेदार महिलाएं दुल्हन को सुबह सुबह शौच के लिए जाने के लिए बोल तो उन्होंने पूछा कि घर में शौचालय नहीं है.

इसके बाद दुल्हन एकाएक ससुराल छोड़कर जाने की बात कहने लगी. इस दौरान बात विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति पंचायत बैठाने तक चली आई. गांव में पंचायत बैठने के बाद दुल्हन को यह आश्वासन दिलाया कि की दो दिन के अंदर घर में शौचालय बन जाएगा. इसकी गारंटी पंचायत के लोग लेते हैं. ग्रामीणों के पंचायत के बाद दुल्हन ससुराल में रहने को तैयार हुई. पंचायत में वार्ड सदस्य संजय रजक, स्वच्छता कर्मी विकाश कुमार रजक, मुन्ना काफी संख्या मे ग्रमीण मौजूद थे.

सरकारी राशि आने के बाद शौचालय बनाने की थी योजना

पंचायत के दौरान यह बात सामने आई कि योगेंद्र मिस्त्री ने अपने शौक घर में शौचालय इसलिए नहीं बनाया क्योंकि उसे सरकारी राशि नहीं मिली थी. योगेंद्र अपने घर में सरकारी राशि आने के बाद शौचालय बनाने के फिराक में था. जबकि सरकार की यह योजना है कि घर में शौचालय का निर्माण होने के बाद सरकार लाभुक के खाते में 12 हजार रुपए देती है