ओवरट्रेक के कारण लगता है जाम
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नवगछिया : गुरुवार को विक्रमशिला सेतु को लेकर लगने वाली नो एंट्री की वजह से नवगछिया हाइवे घंटों जाम रहा. नवगछिया हाइवे पर छोटे बड़े सभी गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी.
मालूम हो की नो एंट्री सुबह छः बजे नो एंट्री ख़त्म हो जाती है. जिसके बाद भी सुबह से दिन के ग्यारह बजे तक नवगछिया हाइवे पर महदतपुर टोलप्लाज से मकनपुर तक इधर बिशुराउत पुल से विक्रमशिला सेतु तक महाजाम की स्थिति बनी हुई थी.इस दौरान रोजाना नवगछिया से भगलपुर जाने वाले लोगो को काफी परेशानियों का संने करना पड़ा. हलाकि जाम में फंसे लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनलोगों के लिए जाम में फंसे रहना आम बात है, क्यूकी अब उनलोगों को यह सब झेलने की आदत हो गयी है. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रसासन को उनलोगों की कोई चिंता नहीं है, अगर प्रसासन को उनलोगों की जरा भी फ़िक्र होता तो जाम लगता ही नहीं, क्यूकी प्रसासन चाहे तो ओवरलोडेड ट्रक का चलन बंद करा सकती है मगर ऐसा नहीं होता है, बल्कि भगलपुर नवगछिया हाइवे पर ओवरलोडेड ट्रक के साथ ओवरट्रेक का भी भरपुर मनमानी होती है.

दो पहिया वाहनों का सहारा
विक्रमशिला सेतु व पथ जाम की जद में रहता है. दोपहिया वाहन सवार कोई न कोई जुगाड़ लेते हैं. इन दिनों ज्यादातर मोटरसाइकिल सवार पुल के साइडर पर मोटरसाइकिल चलाते हैं और गंतव्य तक पहुंचते हैं. हालांकि, यह खतरनाक है, लेकिन लोगों के पास दूसरा कोई चारा भी नहीं है.
जाम के कारण
सेतु व पथ पर वाहनों द्वारा ओवरटेकिंग करने के प्रयास में ही अक्सर जाम लगता है. वहीं नवगछिया में शनिवार को भी ओवरटेकिंग के कारण ही जाम लगा. दूसरी तरफ नो इंट्री में फंसे वाहनों का सड़क पर ही खड़ा कराना जाम का कारण बनता है. ऐसी स्थिति में सड़क पर ओवरटेकिंग की कोई गुंजाइश नहीं बचती है. इस कारण भी जाम लग रहा है. नो इंट्री में फंसे ट्रक के सड़क पर खड़े रहने के कारण वैसे भी सड़क वनवे हो जाती है.
क्या कहते हैं परबत्ता थाना प्रभारी
परबत्ता थाना प्रभारी ए के आजाद ने बताया कि विक्रमशिला में राष्ट्रपति का कार्यक्रम होने की बजह से एक सप्ताह से ट्रक का परिचालन बंद कर दिया गया था. ट्रक का परिचालन पुनः सुरु होने के बाद यातायात थोड़ी देर के लिए बाधित हुई थी.
