नवगछिया : नवगछिया के गजाधर भगत महाविद्यालय के बीसीए के करीब सौ छात्रों का भविष्य अंधकार में है. महाविद्यालय का बीसीए विभाग बंद होने के कगार पर है. महाविद्यालय के बीसीए के छात्रों ने इस बाबत बुधवार को प्राचार्य अशोक कुमार सिन्हा का उनके कक्ष में घेराव किया और पुनः विधिवत पढ़ाई शुरू करवाने की मांग की है. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि वे करीब दो माह से बीसीए की पढ़ाई पूर्ववत करने को लेकर प्रयासरत हैं. विश्वविद्यालय से कई बार संपर्क भी कर चुके हैं लेकिन कोई निदान नहीं निकल रहा है. प्राचार्य ने कहा कि पिछले कई माह से बीसीए के प्राध्यापकों और कर्मियों का वेतन नहीं दिया गया है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हर वर्ष वेतन का एप्रूवल विश्वविद्यालय से मिलने के बाद ही बीसीए कर्मियों को भुगतान किया जाता है. लेकिन इस बार विश्वविद्यालय द्वारा वेतन का अप्रूवल नहीं दिया गया है जिसके कारण कर्मियों को भुगतान नहीं किया जा सका है. प्राचार्य डॉक्टर अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि वह प्रयासरत है उम्मीद है जल्द से जल्द मिल जाएगा और कर्मियों को वेतन मिल जाने के बाद हुए काम पर लौट आएंगे.


छात्र सौरभ कुमार आशुतोष कुमार अंजना कुमारी आरती कुमारी आदि ने कहा कि वे लोग महाविद्यालय सोच कर आते हैं कि आज कुछ ना कुछ महाविद्यालय में जरूर पढ़ाई होगी लेकिन महाविद्यालय के मुख्य दरवाजे का ताला भी नहीं खुल पाता है और वह लोग बैरंग अपने घर के लिए लौट जाते हैं. छात्रों ने कहा कि अगर उन लोगों के भविष्य के साथ इसी तरह खिलवाड़ किया जाता रहा तो सबसे पहले से महाविद्यालय में तालाबंदी करेंगे और उससे भी बात नहीं बनी तो विश्वविद्यालय में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा.
आख़िर मामला उन लोगों के भविष्य के साथ जुड़ा हुआ है. बेहतर भविष्य के लिए ही उन्होंने व्यवसायिक कोर्स के तहत बीसीए कर रहे हैं. लेकिन विश्वविद्यालय के और सहयोगात्मक रवैया के कारण उन लोगों का भविष्य चौपट होने की स्थिति में है. यह पढ़ाई सामान्य पढ़ाई से महंगी है, कहीं भी इसका ट्यूशन भी काफी महंगा होता है. वे लोग ट्यूशन लेने में भी सक्षम नहीं है. छात्रों ने कहा कि अगर चार दिन के अंदर उन लोगों की बातों को गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श कर बीसीए की पढ़ाई पूर्वत नहीं किया गया तो वे लोग उग्र आंदोलन करेंगे.

