डीएम ने कहा अपहरणकर्ताओं ने छात्र को रिंग बाध पर छोड़ा छात्र प्रवीण कुमार ने कहा आंख में पट्टी बांधकर लाया गया बांध तकThank you for reading this post, don't forget to subscribe!
नवगछिया: भागलपुर से पटना जाने के लिए नवगछिया स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने आए बीएन कॉलेज के 19 वर्षीय छात्र प्रवीण कुमार उर्फ डीएम एक नाटकीय घटनाक्रम में शनिवार को बरामद हो गया है. युवा का कहना है कि अपराधियों ने उसे श्रीपुर रिंग बांध पर लाकर छोड़ दिया. हालांकि पुलिस पूरे मामले को संदेह की दृष्टि में देख रही है. कथित रूप से अपहृत युवक से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को नवगछिया अपने जीजा के साथ पटना जाने के लिए दानापुर ट्रेन पकड़ने आया था. ट्रेन करीब 20 मिनट लेट होने के कारण स्टेशन के पावधान पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करने लगा. इसी बीच स्टेशन पर पेड़ा बेचने वाला आया. जिससे उसने करीब पांच पेड़े खरीदे पेड़ा खाते ही उसे नींद आने लगी और वह सो गया जब उसकी आंख खुली तो उसने अपने आप को एक झोपड़ी में हाथ पैर बंधा पाया. प्रवीण ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने मेरे आंख पर पट्टी बांध दी थी. जिससे आरोपियों को पहचानने में काफी परेशानी हाे रही थी. उसने बताया कि अपराधियों ने उसके साथ हाथापाई नहीं की और एक ही सवाल पूछ रहा था कि 2 व 3 माह पूर्व गांव की ही गांव की ही एक लड़की को लेकर जो विवाद उसमे उसकी क्या भूमिका थी. जिसे कबूल करने के बाद आरोपियों द्वारा कागज पर यही बात लिखवा लिया गया. शनिवार को अपराधियों द्वारा मेरी आंखों में पट्टी बांधकर पहले मुझे खेत की आर पर कुछ दूर चलाया उसके बाद मोटरसाइकिल पर बैठा कर मुझे श्रीपुर रिंग बांध के पास उतारकर चला गया. पट्टी खोलने के बाद मैं अपने आप को रिंग बांध पर पाया जिसके बाद किसी तरह स्टेशन पहुंच परिजनों को जानकारी दी. प्रवीण ने बताया कि अपराधियों ने उसे उसका मोबाइल वापस कर दिया है मगर सिम निकाल लिया है. पूरे घटनाक्रम का पटाक्षेप होते हैं ही प्रवीण के परिजनों से सादे कागज पर यह लिखवा कर रख लिया कि नवगछिया स्टेशन से प्रवीण का अपहरण की घटना नहीं हुई है. परिजनों ने बताया कि प्रवीण के मिलने से पहले ही जीआरपी थाना प्रभारी द्वारा यह लिखने को कहा कि नवगछिया स्टेशन से उसका बेटा का अपहरण नहीं हुआ है. जिस कारण उन्हें यह लिखकर थाना प्रभारी को देना पड़ा. जिस तरह से इस घटना का पटाक्षेप जिस तरह हुआ कयास लगाया जा रहा है की पूरा मामला प्रेम प्रसंग का था. इधर नवगछिया जीआरपी थाना प्रभारी भोला महतो ने कहा कि प्रवीण द्वारा अपने अपहरण की घटना खुद रची गई है. प्रवीण का अपहरण हुआ ही नहीं था. इसका एक उदाहरण यह है कि प्रवीण का कहना है कि नवगछिया स्टेशन पर पेड़ा बेचने आया जिसे खाने के बाद बेहोश हो गया जबकि स्टेशन पर पेड़ा बेचने वाला कोई वेंडर है ही नहीं तो प्रवीण को पेड़ा कहां से मिला. यह बात झूठ बाेल रहा है.

