शहादत दिवस: नवगछिया स्टेशन पर युवक मुंशी साह को अंग्रोजों की गोली लगी थी -Naugachia News

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नवगछिया : अगस्त क्रातिं भारत छोड़ो आंदोलन में ग्यारह अगस्त 1942 को नवगछिया स्टेशन पर युवक मुंशी साह को अंग्रोजों की गोली लगी और 13 अगस्त को भागलपुर में इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी थी. एक बार फिर उनके शहादत दिवस पर उनकी याद में सन 1946 में स्थापित किये गये नवगछिया के मुंशी साह पुस्ताकालय में उन्हें याद किया जायेगा.

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भले ही आज नवगछिया में मुंशी साह की कुर्बानी को भूल गये और उनके याद में स्थापित पुस्तकालय उपेक्षित हो गया हो लेकिन नवगछिया के चैती दुर्गा स्थान के पास स्थित शहीद मुंशी साह पुस्तकालय में मुंशी साह से जुड़ी यादें चीख चीख कर उनकी वीरता को बयां कर रहा है. जानकार बताते हैं कि जब भारत छोड़ों आंदोलन नेतृत्व विहीन हो गया तो पूरे देश में क्रांतिकारियों ने हिंसक आंदोलन किया. लेकिन नवगछिया में ग्यारह अगस्त को स्वतंत्रता सेनानियों ने शांतिपूर्ण मार्च करने का निर्णय लिया.

ग्यारह अगस्त की शाम में मुंशी साह अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ एक जुलूस नवगछिया स्टेशन पर तिंरगा फहराने पहुंच चुके थे. जुलूस मालगोदाम के पास पहुंची ही थी कि अंग्रेजों ने गोली बारी शुरू कर दी. गोली लगते ही मुंशी साह गिर गये. इसके बाद वहां से उन्हें उनके साथ लेकर भाग गये. अंतत: आज के ही दिन 13 अगस्त को इलाजरत मुंशी साह ने अंतिम सांस ली.

दयानंद प्रसाद और आजाद हिंद मोरचा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुंशी साह आज के युवाओं के प्रेरणास्त्रोत हैं. नवगछिया स्टेशन पर मुंशी साह की प्रतिमा लगे और मुंशी साह पुस्तकालय का जीर्णोद्धार हो यह मांग लंगे समय से नवगछिया के लोग कर रहे हैं लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं है.