नवगछिया : इलाकाई वामपंथी राजनीति के एक युग का अंत हो गया है. सुबह सुबह दुखद खबर मिली कि भाकपा के पूर्व अंचलमंत्री प्रसिद्ध कामरेड बिहपुर थाना क्षेत्र के अमरपुर निवासी नरेश मोहन चौधरी80 का निधन हो गया है. सन 1960 से ही वामपंथ की राजनीति में सक्रिय रहने वाले साम्यवादी नेता नरेश बाबू ने अपने जीवन में यह सिद्ध कर दिया कि स्वार्थ से हट कर भी जनहित की राजनीति की जा सकती है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अपने अंतिम समय में भी वे पार्टी गतिविधि में शरीक होते थे. उनका मानना था कि समाज के सभी वर्गों का कल्याण वामपंथ की राजनीति से ही संभव है. मौजूदा दौड़ की राजनीति निश्चित रूप से समाज और देश को बांटने वाला है. कामरेड श्री चैधरी के निधन पर भागलपुर सांसद शैलेश कुमार उर्फ बूलो मंडल, कार्यकारिणी सदस्य का. सुदामा प्रसाद सिंह, राज्य परिशद सदस्य का सीताराम राय, भाकपा जिला परिशद विवेकानंद ठाकुर, का विमल यादव आदि ने शोक संवेदना व्यक्त किया है.

कामरेड प्रणेश समदर्शी ने कहा कि नरेश बाबू का एका एक चले जाना पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है. जिसे आगामी भविष्य में पूरा कर पाना संभव नहीं है. नरेश बाबू के विचार हमेशा राजनीति की नई पौध को पथ पदर्शित करने का काम करते रहेंगे.
