अपने अचंभित कर देने वाले कारनामों से मशहूर जादूगर ओपी शर्मा आजकल पटना में हैं। वो जादू के अपने बेहतरीन शो को लेकर इस बार एक महीने के लिए पटना आए हैं। जादूगर शर्मा ने बताया कि जादू से बिहार को भी बदल दूंगा, पेश है उनसे खास बातचीत के प्रमुख अंश…..
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रश्नः- जादू से क्या-क्या बदल सकते हैं?
उत्तरः- जादूगर ओपी शर्मा ने कहा कि जादू एक एेसी कला है कि जो प्रचार-प्रसार का बड़ा माध्यम बन सकती है, इससे चाहें तो समाज में फैली बुराइयों को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने शराबबंदी कर बहुत बड़ा काम किया है, इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने बताया कि मैं इस बार शराबबंदी को लेकर भी एक शो लेकर आया हूं, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

प्रश्नः-कितने साल हो गए जादू के शोज करते हुए?
उत्तरः-मैं जब दो साल का था, तब से कुछ अलग करने की सोचता रहता था, फिर बचपन में ही मुझे लगा कि क्यों ना कुछ एेसा करूं कि लोग उसे देखकर हैरान रह जाएं। यही बाद में मेरा शौक बन गया और मैं पढ़ाई के साथ-साथ जादू के ट्रिक्स आजमाने लगा। फिर बचपन का शौक और बड़े होने के बाद मेरा जुनून बन गया। मैं प्रोफेशनली 1971 से जादू के शोज कर रहा हूं।
प्रश्नः- जादू क्या है? कहते हैं ये नजरों का धोखा होता है?
उत्तरः- जादू नजरों का धोखा नहीं, कला और विज्ञान का मिश्रण है। इसमें ट्रिक्स होते हैं, क्रियेटिविटी होती है, हर बार कुछ नया करने के लिए रिसर्च करना होता है। एक शो के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। यह एक दृष्टिभ्रम है, जिससे लोगों को, खासकर बच्चोें को रोमांच का अनुभव होता है। इसके लिए एक जादूगर को काफी तैयारी करनी पड़ती है। लोग हर बार कुछ नया देखना चाहते हैं।
प्रश्नः- क्या इसे लोग प्रोफेशन की तरह अपना सकते हैं?
उत्तरः- हां बिल्कुल, मैंने खुद इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और जॉब के साथ-साथ शोज भी करता था, लेकिन बाद में मैंने रिटायरमेंट ले ली और इसी को अपना जीवन बना लिया। देश सहित विदेशों में भी जाता हूं, लोग बहुत प्यार और सम्मान देते हैं। यह आपके इच्छा और क्रियेटिविटी पर निर्भर करता है। यह अच्छा अॉप्शन है लेकिन इसके लिए ट्रेनिंग और मेहनत की जरूरत होती है। एक बार आपका शो हिट हो गया लोग आपको जानने लगेंगे।
प्रश्नः-क्या इसकी कोई पढ़ाई होती है?
उत्तरः- हां, इसके लिए साइंस की जानकारी होनी चाहिए और इसके साथ ही आपको क्रियेटिव होना भी जरूरी है। इसके लिए सॉफ्टवेयर भी मौजूद हैं, ट्रेनिंग भी दी जाती है। मैंने भी कानपुर में अपना एक स्कूल खोल रखा है और इसमें छात्र ट्रेनिंग के लिए आते हैं। लेकिन इसे लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है, खासकर जो बच्चे क्रियेटिव हैं और इस विधा को सीखना चाहते हैं, उनके लिए यह आसान होता है।
प्रश्नः-क्या इससे समाज को संदेश दिया जा सकता है?
उत्तरः- यह सामाजिक बुराइयों को दूर करने का सशक्त माध्यम बन सकता है। शो के माध्यम से हम लोगों को जागरूक बना सकते हैं, हर एक छोटा-बडा़ संदेश इसके जरिए लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। मेरा तो यह मानना है कि जादूगर समाज में फैली बुराई को जादू से वैसे ही गायब कर सकता है जैसे अपने शोज में बड़ी-बड़ी चीजें गायब कर लोगों को अचंभे में डाल देता है।
प्रश्नः- सरकार से क्या सहायता मिलती है?
उत्तरः-यह बताते हुए मुझे दुख हो रहा है कि विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली सरकार जादू के लिए किसी तरह की सहायता नहीं देती।

