नवगछिया : कल करंट लगने से बिजली मिस्त्री की मौत हुई थी, कार्यपालक अभियंता ने कहा कि … -Naugachia News

Crime Reoprts

खरीक : खरीक थाना क्षेत्र के मिरजाफरी निवासी पूर्व सरपंच मो खुर्शीद के 45 वर्षीय पुत्र बिजली मिस्त्री परवेज अंसारी उर्फ मो मंटू की मौत करंट लगने से इलाज के क्रम में हो गयी. जानकारी मिली है कि घटना के बाद मो मंटू को तुरंत खरीक पीएचसी ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. मंटू की मौत हो जाने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण आक्रोशित हो गये और शव के साथ खरीक चौक राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर जा कर सड़क को जाम कर दिया. करीब एक घंटे तक सड़क पर आवागमन पूरी तरह से बंद रहा.

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– अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी के अश्वासन पर लोगों ने समाप्त किया जाम
– ग्रामीणों का आरोप : विद्युत विक्षेदित कर पोल पर चढ़ा, लेकिन विद्युत का एकाएक कर दिया गया प्रवाह

अंचलाधिकारी विनय शंकर पांडा और बीडीओ सुधीर कुमार द्वारा कानून संगत मुआवजा दिये जाने के अश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया और पोस्टमार्टम करवाने के लिए शव को पुलिस के हवाले किया. खरीक पुलिस के स्तर से देर शाम शव को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया था. जानकारी मिली है कि ग्रामीणों ने बिजली में गड़बड़ी की शिकायत मिस्त्री से की थी. शुक्रवार को जुम्मे की नमाज पढ़ने के बाद मो मंटू सीधा खरीक इमली चौक के पास गया. ग्रामीणों का कहना है कि पोल पर चढ़ने से पहले मंटू ने फोन करके विद्युत विक्षेदित करवा दिया था. इसके बाद मंटू पोल पर चढ़ा ही था कि बिजली के तार में विद्युत प्रवाह हो गया.

इस क्रम में जोर दार आवाज होने की बात कही जा रही है. कहा जा रहा कि ग्यारह हजार वोल्ट के अवाले उक्त पोल हो कर 33 हजार वोल्ट की क्षमता वाला तार भी गया है जो टूट कर मो मंटू के शरीर पर गिर गया और वह पोल से नीचे गिर गया. जमीन पर आते ही उसे स्थानीय लोग इलाज के लिए खरीक पीएचसी ले कर गये थे. ग्रामीणों ने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण इस तरह का हादसा हुआ. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि जब मो मंटू पोल पर चढ़े थे तो उसी समय एक हाइवा गुजर रहा था.

हाइवा ग्यारह हजार के तार में सट गया जिसके कारण तार टूट गया और 33 हजार की क्षमता वाले तार से जा सटा, इस कारण ग्यारह हजार वोल्ट की क्षमता वाले तार के पास काम कर रहे मो मंटू इसके चपेट में आ गये. मो मंटू ने बिजली कटवा दिया था लेकिन साजिशन बिजली दे दी गयी जिससे मंटू की मौत हो गयी. ग्रामीणों की मांग की है कि तुरंत मंटू केआश्रितों को दस लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाय.

कहते हैं कार्यपालक अभियंता

बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि जिस जगह पर मंटू काम कर रहे थे, वहां पर 33 हजार की क्षमता वाले तार का क्रासिंग था. ग्यारह हजार क्षमता वाले तार से विद्युत विक्षेदित कर दिया था. लेकिन किसी वाहन से ग्यारह हजार क्षमता वाला तार टूट जाने और 33 हजार क्षमता वाले तार केसंपर्क में आ जाने के कारण यह हादसा हो गया. उन्होंने कहा कि वे घटना के बाद काफी आहत हैं. सरकार द्वारा तय नियम के अनुसार मृतक के परिजनों को निर्धारित मुआवजा दिलवाने में मदद की जायेगी.

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