रांची/कोलकाता : अंजनी, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार की देर रात से शुरू हुई भारी बारिश व तेज हवा की वजह से नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा (दमदम एयरपोर्ट) पर विमान सेवा प्रभावित रही. कई विमानों के रूट बदलने पड़े. वहीं, मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड, बिहार और ओड़िशा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग ने सोमवार को दोपहर एक बजे जो दैनिक मौसम पूर्वानुमान जारी किया, उसमें कहा कि रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला एवं खरसावां, पलामू, गढ़ा, चतरा, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामतारा, पाकुड़ और साहेबगंज में 10 से 13 अक्तूबर तक अधिकांश स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे (0-6 सेमी) की बारिश होने की संभावना है. इसी बुलेटिन में मौसम विभाग ने जो चेतावनी जारी की है कि उसमें कहा है कि 10 और 11 अक्तूबर को कहीं-कहीं भारी वर्षा (7-11 सेंटीमीटर) वर्षा की प्रबल संभावना है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बुलेटिन के मुताबिक, रांची और इसके आसपास 10 अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक सामान्यत: बादल छाये रहेंगे. गर्जन के साथ मध्यम दर्जे (1-6 सेमी) वर्षा भी हो सकती है. इस दौरान रांची और आसपास का उच्चतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. खराब मौसम की वजह से सोमवार को सुबह से ही दमदम एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही बंद रही. खराब मौसम के बीच सुबह नौ बजे के पहले कुछ विमानों की यहां लैंडिंग हुई, लेकिन इसके बाद मौसम बिगड़ गया और कोलकाता आनेवाली विमानों को रांची, भुवनेश्वर, बागडोरगा और गुवाहाटी भेज दिया गया. बताया गया कि तेज हवा के साथ हो रही भारी बारिश के कारण विमानों को पार्किंग से रन-वे तक लाना भी मुमकिन नहीं हो रहा था. इसलिए किसी विमान ने यहां से उड़ान नहीं भरी.


आश्चर्य की बात यह है कि किसी विमान के उड़ान न भरने के बावजूद एयरपोर्ट प्रबंधन ने किसी भी विमान के रद्द होने की सूचना नहीं दी है. एयरपोर्ट सूत्र भी बताते हैं कि सभी विमान एक से डेढ़ घंटे विलंब से उड़ान भर रहे हैं. कोलकाता आ रहे सात विमानों को अन्य शहरों में उतारा गया. दिल्ली से कोलकाता आ रहे विमान को वापस दिल्ली भेज दिया गया. सिल्चर-कोलकाता विमान को गुवाहाटी में उतारा गया. इसी प्रकार, मुंबई-कोलकाता विमान का रांची में अवतरण कराया गया है. इसी प्रकार, कई विमानों को बागडोगरा व भुवनेश्वर में भी उतारा गया है. इधर, भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि गंगा के मैदानी इलाकों में दबाव का क्षेत्र बना है. इसकी वजह से सुबह 8:30 बजे गंभीर दबाव का क्षेत्र बना और 15 किलोमीटर से अधिक गति से हवाएं चलने लगीं. विभाग के मुताबिक, आगामी 24 घंटे तक कहीं-कहीं भारी से अत्यधिक भारी बारिश होगी, जो अगले 24 घंटे तक जारी रहेगी. अगले 48 घंटे तक इसका असर उत्तरी ओड़िशा और झारखंड में भी देखने को मिलेगा, जहां कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. इतना ही नहीं, 10 अक्तूबर को दक्षिणी ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के भी कुछ क्षेत्रों में इसके असर से बारिश हो सकती है. बिहार में 10 और 11 अक्तूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश होगी. मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, उत्तरी ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान 45-55 और कहीं-कहीं 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. पश्चिम बंगाल में हवाओं की रफ्तार 45-55 किलोमीटर से 65 किलोमीटर तक रहेगी, जबकि ओड़िशा और झारखंड में यह रफ्तार 30-40 से 50 किलोमीटर हो सकती है. मौसम विभाग ने कहा है कि इस दौरान उत्तरी ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों के मछुआरे इस दौरान समुद्र में न जायें.
