इतना बड़ा घोटाला बिना मुख्यमंत्री नितीश कुमार के मिली भगत से संभव नही: अरुण यादव

शिक्षा/जानकारी

भागलपुर : युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि सृजन महिला विकास समिति द्वारा भागलपुर में किये गये महाघोटाले की जांच सीबीआई द्वारा जांच किए बिना महाघोटाले में संलिप्त सभी व्यक्तियों पर करवाई नही हो सकता है।

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एसआईटी जांच में ही 300 करोड़ से बढ़ कर 500 करोड़ तक घोटाला पहुंचा चुका है यह घोटाला हजार करोड़ से भी अधिक की घोटाला है.इस घोटाला में भाजपा के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से लेकर केंद्रीयमंत्री गिरिराज सिंह,पूर्व केंद्रीयमंत्री शाहनवाज हुसैन सहित कई भाजपा के बड़े और छोटे नेता शामिल है। इसलिए इतनी बड़ी महाघोटाले का निष्पक्ष जांच राज्य की एजेंसी एसआईटी से संभव नही है।

नैतिकता और भ्रष्टाचार की बात करने वाले नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इतनी बड़ी घोटाला बिना प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री के संरक्षण और मिलीभगत से नही हो सकता है।

यह घोटाला 2005 से जारी था सब कुछ जानते हुए भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने हाथों से संयुक्त रूप से सबसे अच्छा काम करने के लिए सृजन महिला विकास समिति के सचिव मनोरमा देवी को पुरस्कार देकर पुरस्कृत करने का काम किया गया है।

घोटाले का आंकड़ा हजार करोड़ पार कर जाए तो हैरत नहीं. सृजन से लेकर घोटाले के सृजन तक की पूरी कहानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उवमुख्यमंत्री सुशील मोदी के मिलीभगत से ही इतना बड़ा घोटाला हो सकता है। एसआईटी जांच के दौरान जो खुलासे हुए उससे साफ हो गया कि घोटाले के तार बिहार के अन्य जिलों से भी जुड़े हैं. इसमें भाजपा के नेता, बैंक, प्रशासनिक अफसर, बिजनेसमैन और कई निजी कंपनियां शामिल है।