नरायणपुर : नारायणपुर के बलाहा गांव के निवासी गोपाल मिश्र उर्फ मौनी बाबा के पुत्र विजय कुमार मिश्र 27 की सिर कटी क्षत विक्षत लाश को गांव से तीन किलोमीटर दूर बीरबन्ना रेलवे ढ़ाला के पास से बरामद किया गया है. सुबह जैसे ही ट्रेक पर शव होने की सूचना जगजाहिर हुई तो पूरे इलाके में आग की तरह यह बात फैल गयी. शव मिलने के कुछ देर बाद ही मृत युवक के परिजनों ने युवक के कपड़ों को देख कर उसकी शिनाख्त की. घटना स्थल से पुलिस ने युवक का पर्स, आधार कार्ड, मोबाइल के कई टुकड़े, घड़ी का एक टुकड़ा, एक चाभी का गुच्छा, युवक के खून से सने कपड़ों को बरामद किया है. शव पूरी तरह से क्षत विक्षत हो गया था. पुलिस मान रही है कि युवक की मौत ट्रेन से कट कर हो गयी है. लेकिन घटना स्थल से मृतक का सर गायब होना, मामले को संदेहास्पद बना रहा है, जिससे हत्या की घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है. बीरबन्ना के पास ही ट्रेक पर अलग अलग जगहों पर खून के निशान भी देखे गये हैं तो दूसरी तरफ सर का एक काफी छोटा टुकड़ा भी घटना स्थल के पास से ही बरामद किया गया है. परिजनों को हत्या की आशंका है तो रेल पुलिस ने मामले को आत्महत्या मान कर अनुसंधान शुरू कर चुकी है. बिहपुर रेल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में करवा कर दोपहर बाद तक परिजनों को शव सौंप दिया है. बिहपुर रेल थाना पुलिस ने मामले में यूडी केस दर्ज कर लिया है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रविवार को देर शाम से ही लापता हो गया था विजय
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार विजय गांव के ही मोहन ठाकुर के कोयला डिपू में बतौर संचालक कार्य करता था. वह अपना कार्य बेहतर तरीके से कर रहा था. ऐसा गांव के लोगों और युवक के परिजनों का कहना है. परिजनों के अनुसार युवक रविवार को देर शाम किसी से मोबाइल से बात चीत कर रहा था और बात करते करते घर से बाहर निकल गया था. इसके बाद वह रात भर घर नहीं आया और सोमवार की सुबह उन लोगों को विजय की मौत हो जाने की ही सूचना मिली. आखिर विजय की क्यों हत्या की गयी या फिर उसने आत्महत्या क्यों कर लिया. इन सवालों से अभी परिजन भी बच रहें हैं. युवक अविवाहित था और घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक ठाक थी. ऐसे में पैसे के लिए आत्महत्या करने का कोई सवाल ही नहीं उठता है. दूसरी तरफ विजय के घर में भी किसी तरह के कलह का माहौल नहीं था. विजय का बड़ा भाई जय मिश्र बाहर रह कर पढ़ाई करता है तो विजय के सभी बहनों का विवाह हो चुका है. सभी अपने अपने घर में हैं. ग्रामीण स्तर से इस बात की चरचा है कि उक्त घटना का कारण प्रेम प्रसंग है. आत्महत्या हो गया हत्या इसका कारण प्रेम प्रसंग ही है.

पुत्र की मृत्यु के बाद भी मौनी बाबा ने नहीं तोड़ा मौन व्रत
गोपाल मिश्र उर्फ मौनी बाबा वर्षों से मौन हैं. अलग अंग राज्य को लेकर सत्यग्रह के तहत मौन धारण करने वाले मौनी बाबा को नारायणपुर प्रखंड का कोई भी ऐसा गांव नहीं है जहां के लोग उन्हें नहीं पहचानते हैं. पुत्र की मृत्यु के बाद भी मौनी बाबा का मौन व्रत कायम है. पत्रकारों से लिखित रूप से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह घटना गहरी साजिश है. रेलवे ट्रेन उनके घर के पास लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर ही है. अगर उसका पुत्र मानसिक रूप से दवाब में था तो वह अपने घर के पास ही आत्महत्या कर लेता. लेकिन वह तीन किलोमीटर पैदल चलता है और फिर आत्महत्या कर लेता है. इससे पता चलता है कि गहरी साजिश है और उसके पुत्र की हत्या कर दी गयी है. पुलिस को मामले की जांच संजीदगी से करना चाहिए. सच को सामने लाना चाहिए. वे पुलिस के सहयोग में रहेंगे और उन्हें न्याय मिलने का पूरा भरोसा है. जवान पुत्र की मृत्यु के बाद मौनी बाबा पूरी तरह से टूट गये हैं. वे बिलख कर रो रहे हैं. उनके आंखों से आंसू लगातार बह रहे हैं. वे किसी को कुछ कह नहीं रहे हैं लेकिन अपनी आंखों से जरूर सबसे सवाल पूछते नजर आ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ ! दूसरी तरफ मृतक की मां उषा देवी का रो रो कर बुरा हाल है तो अपने ससुराल से पहुंची बहनें भी लगातार रो रही हैं. टोले के सभी लोग मर्माहत हैं.
घटना स्थल पर शव की स्थिति है संदेहास्पद
घटना स्थल पर जिस स्थिति में क्षत विक्षत शव रखा हुआ है और सर गायब है, यहीं सबसे पहले मामले को संदेहास्पद बना देता है. दूसरी तरफ युवक के शरीर पर एक कपड़े का भी नहीं होना, संदेह पैदा करता है. युवक का शव से सौ मीटर दूर ट्रेक पर खून के निशान हैं. सर का थोड़ा सा भाग तो मिला है लेकिन पूरा भाग काफी खोजबीन करने के बाद भी नहीं मिला. दूसरी तरफ गले के पास देखने से स्पष्ट लगता है कि युवक का सर ट्रेन के पहियों से नहीं कटा है. घटना के लोग इस तरह के कयास लगा रहे हैं कि सर्वप्रथम चलते हुए ट्रेन के सामने युवक को फेंक दिया गया है. इसके बाद साक्ष्य को छुपाने के लिए उसके सर को काट कर स्थल से गायब कर दिया गया है. बहरहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी है. जल्द ही सच सामने आने की संभावना है. पुलिस ने युवक का मोबाइल नंबर भी ज्ञात किया है और युवक के मोबाइल पर गतिविधि का भी पता लगा रही है.
कहते हैं थानाध्यक्ष
बिहपुर के राजकीय रेल थाना के थानाध्यक्ष रामाशीष प्रसाद ने कहा कि शव क ा पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस ने मामले में यूडी केस दर्ज किया है. मामले का अनुसंधान भी शुरू कर दिया गया है. त्नएल्लडिाटं३३ी१
