पटना : एक दूसरे से हो गया प्यार तो दोनों ने साथ जीने-मरने की कसम खायी और घर छोड़कर फरार हो गए। प्रेमिका के घरवालों ने प्रेमी पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करा दी फिर दोनों पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन अदालत ने आदेश दिया कि दोनों की शादी करवा दी जाए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दोनों ने कोर्ट में न्यायाधीश को धन्यवाद कहा और फिर बेगूसराय कोर्ट कैंपस में गुरुवार को जिला जज के आदेश पर प्रेमी और प्रेमिका ने शादी की रस्में निभाई और उनकी शादी में वकील और कोर्ट के क्लर्क बाराती की भूमिका में नजर आए।
जानिए इस अनोखी शादी का पूरा मामला

बेगूसराय के रचियाही कचहरी टोला निवासी राम नारायण राय की पुत्री काजल कुमारी अपने ननिहाल अतरूआ में रहकर बनवारीपुर में पढ़ाई कर रही थी। अतरूआ निवासी सत्यनारायण महतो उर्फ सत्तो महतो के पुत्र सौरव कुमार से प्रेम करने लगी और साथ जीने-मरने की कसमें खाई।
बनवारीपुर हाई स्कूल से मैट्रिक पास करने के बाद काजल व सौरव फरार हो गए। इसके बाद काजल के परिजनों ने सौरव व उसके परिजनों पर अपनी बेटी के अपहरण का एफआईआर सिंघौल थाना में दर्ज करवाया। काजल की मां ममता देवी ने बताया कि उसके भाई को कोई संतान नहीं है, इसलिए वह अपनी भांजी काजल को बचपन से ही अपने यहां रखकर पढ़ाई-लिखाई करवाता था।
उन्होंने बताया कि सौरव और उसके घर वालों ने मेरी बेटी को बहला फुसलाकर कर अपने पक्ष में कर शादी करवा दिया।वहीं लड़के के पिता ने कहा कि दोनों ने सहमति से शादी की है हम इस शादी से काफी खुश हैं। अधिवक्ता प्रभाकर शर्मा ने बताया कि लड़की के परिजनों ने लड़की को नाबालिग बताकर लड़का व उसके परिजन पर मुकदमा दर्ज करवाया था।
वहीं लड़का पक्ष की ओर से 12 अक्टूबर को अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश गंगोत्री राम त्रिपाठी ने लड़की का उम्र सत्यापन करने के लिए लड़की को कोर्ट में हाजिर करने का आदेश दिया था। जिसके बाद सौरव के परिजनों ने काजल को कोर्ट में हाजिर कराया।
जहां उसके मैट्रिक के मूल प्रमाण पत्र के आधार पर कोर्ट ने उसे बालिग करार देते हुए काजल व सौरव की सहमति से शादी करवाने का आदेश दिया।
