नवगछिया : सावन की तीसरी सोमवारी को गंगा घाटों से शिव मंदिरों तक बम-बम भोले के नारों से गुंजायमान रहा। सुबह दो बजे से शहर के शिव मंदिरों में भगवान भोले शंकर को जलाभिषेक करने के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पूजा के बाद आम भक्तों के लिए मंदिर का पट खोला गया। गौशाला मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, गरीबदास मंदिर, घाट ठाकुरबारी मंदिर, सहित अन्य मंदिरों में भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहा।
मंदिरों और शिवालयों की खास सजावट कर दी गयी है। देर रात में बाबा का विशेष श्रृंगार भी किया गया। सोमवारी को लेकर शहर के बाजारों में खूब चहल-पहल रही। सावन की तीसरी सोमवारी को लेकर मंदिरों-शिवालयों में जलाभिषेक और रूद्राभिषेक के लिए खास इंतजाम रहेंगे। शहर के अधिसंख्य मंदिर सुबह 4 से 5 बजे के बीच जलाभिषेक के लिए खोलगे ।

चंद्रमा के गोचर से शिव की विशेष कृपा
ज्योतिषाचार्य अजीत पाण्डेय ने बताया कि सावन की तीसरी सोमवारी पर सिद्धि और धाता योग में कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में भोलेनाथ का जलाभिषेक होगा। कर्क और पुष्य नक्षत्र चंद्रमा की स्वराशि और स्व नक्षत्र होने से सोमवारी को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक,रूद्राभिषेक करने से उनकी विशेष कृपा बरसेगी। सौंदर्य,स्वास्थ्य और सुहाग के लिए अति लाभकारी होगी।
