गंगा दियारा का आतंक सुधीर मंडल एक देशी कट्टा और तीन चक्र जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार -Naugachia News

Crime Reoprts

नवगछिया : परवत्ता और इस्मालपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर सोमवार की सुबह परवत्ता थाना क्षेत्र के राघोपुर बांध से खरीक थाना क्षेत्र के लोदीपुर निवासी शातिर अपराधी सुधीर मंडल को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने सुधीर के पास से एक देशी कट्टा और तीन चक्र जिंदा कारतूस भी बरामद किया है. सुधीर एक समय में नवगछिया पुलिस जिला का इनामी बदमाश रहा है. फिलहाल सुधीर राघोपुर निवासी मोती मंडल हत्याकांड में वांछित था और घटना के बाद से ही पुलिस को सुधीर की तलाश थी. मोती मंडल की हत्या पिछले वर्ष नवंबर माह में जमीन विवाद के कारण कर दी गयी थी.

Whatsapp group Join

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

– इस्माइलपुर व परवत्ता पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर सुधीर को राघोपुर बांध से किया गिरफ्तार
– दो दशक से अपराध की दुनियां में सक्रीय है सुधीर
– बड़े बड़े दादा अब सुधर गये लेकिन सुधीर निरंतर कर रहा है वारदात
– फिलहाल मोती मंडल हत्याकांड में पुलिस का वांछित था सुधीर
– सुधीर पर परवत्ता, इस्माइलपुर, खरीक और बिहपुर में दर्ज हैं कई मामले

इस मामले में गोपाल मंडल और सुधीर मंडल दोनों को नामजद आरोपी बनाया गया था. गोपाल को पुलिस ने पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया था जबकि करीब छ: माह तक सुधीर पुलिस के साथ आंख मिचौनी खेल रहा था. बात सामने आयी है कि सुधीर सोमवार की सुबह राघोपुर बांध पर अपने सहयोगियों के साथ मछली लेने आया था. पुलिस ने अपना गुप्तचर पहले से ही लगा रखा था. जैसे ही पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि सुधीर राघोपुर बांध पर आने वाला है, नवगछिया एसपी सुश्री निधि रानी के निर्देशन में एक टीम का का तुरंत गठन किया गया और टीम को छापेमारी के लिए रवाना किया गया.

सूचना पर पहुंचे इस्माइलपुर थानाध्यक्ष अनि संतोष कुमार और परवत्ता थानाध्यक्ष अनि शिवकुमार यादव ने पुलिस बलों की सहायता से सुधीर को बांध की तरफ से घेर लिया. अब सुधीर के पास एक ही विकल्प था कि वह नदी में कूद कर भाग जाय, वह इसके लिए प्रयासरत भी था लेकिन पुलिस जवानों ने उसे मौका नहीं दिया और उसे दबोच लिया. पुलिस सूत्रों की मानें तो सुधीर ने देशी कट्टा दिखा कर पुलिस को डराने का भी प्रयास किया लेकिन पुलिस जवानों की संख्या को देख कर उसका हौसला काम नहीं किया और तब तक उसे दबोच लिया गया था.

बाद में पुलिस ने सुधीर के अवैध हथियारों को जब्त कर लिया. नवछिया के एसडीपीओ पुरेंद्र भारती ने कहा कि सुधीर के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है. सुधीर पर सीसीए लगाने का प्रस्वात भेजा जायेगा. मोती मंडल की हत्या करने से कुछ दिन पहले ही सुधीर जेल से जमानत पर बाहर आया था और उसने जेल से बाहर आते ही वारदात को अंजाम दिया. सुधीर के विरूद्ध परवत्ता पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया है.

दो दशक पुराना रहा है सुधीर का आपराधिक इतिहास

सुधीर मंडल नाथनगर, परवत्ता, इस्माइलपुर, बिहपुर गंगा दियारा में आतंक का पुराना नाम है. अपने आपराधिक गुरू पागो मंडल के सानिध्य में सुधीर ने अपराध का ककहरा सीखा और इसके बाद उसने पीछे मुर कर नहीं देखा. सुधीर की अदावत शुरूआती समय में नाथनगर के बिंद गिरोह से थी. उस दौड़ की इस लड़ाई में कई रक्तपात हुए. जिसकी कहानी आज भी विभिन्न थानों में दर्ज है. कहा जाता है कि गंगा दियारा के कई दादाओं ने बदले समय में अपने आप को समेट लिया लेकिन सुधीर निरंतर वारदात को अंजाम देता रहा.

गंगा दियारा में सुधीर मंडल गिरोह के आय का मुख्य स्त्रोत फसल लूट, किसानों की जमीन पर कब्जा करना है. इस रास्ते में जो भी सामने आता है, सुधीर उसे रास्ते से हटा देता है. मोती मंडल की हत्या इसका एक उदाहरण है. सुधीर की गिरफ्तारी के बाद गंगा दियारा के किसानों ने राहत की सांस ली है. नवगछिया पुलिस के लिए सुधीर की गिरफ्तारी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.