दिवंगत पिता के बैंक खाते से धन निकासी के एवज में बैंक कर्मी मांग रहे रिश्वत-Naugachia News

बिहपुर

खरीक : खरीक प्रखंड के खरीक बाजार पंचायत यादव टोला निवासी ब्रजेशचंद्र ने वरीय पदाधिकारियों और एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक को आवेदन देकर इस बात की शिकायत की है.  भारत आई सर्विसेज लिमिटेड इंडिया में नोएडा में काम कर रहे अभियंता ब्रजेशचंद्र का कहना है कि उनके पिता खरीक बाजार यादव टोला निवासी गणपति यादव 20 अप्रैल को दिवंगत हो गए.

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निधन के उपरांत खरीक बाजार के शाखा प्रबंधक से संपर्क कर उनसे पिता के खाते से धन निकासी कराने की बात कही. अकाउंट पर ज्यादा रकम देखकर एसबीआई खरीक बाजार के शाखा प्रबंधक ने कहा कि बिना कमीशन का और परसेंटेज का धन निकासी संभव नहीं है. रकम निकालना चाहते हैं तो इसके लिए परसेंटेज देना होगा और आपस में भाइयों को परसेंटेज तक करना होगा. जिससे दोनों भाई निराश होकर वापस लौट आए. इस बाबत जब अभियंता ने शाखा प्रबंधक को आवेदन देकर शिकायत किया तो उन्होंने इस तरह के किसी भी आवेदन को लेने से इनकार किया. ब्रजेशचंद्र का कहना है कि शाखा प्रबंधक ने कहा कि 9 मई में केवल एक व्यक्ति का नाम हो सकता है. लेकिन दिवंगत सेवानिवृत शिक्षक के खाते में खाता में दो नॉमिनी 29 मिनी का नाम अंकित है जो आरबीआई के नियम के विरुद्ध  अभियंता का कहना है कि आज से तकरीबन 17 साल पहले पिताजी ने शाखा प्रबंधक की सहमति से नॉमिनी बनाया था. उन दोनों नॉमिनी के नाम है बृजेश चंद्र और राजेश रंजन जब मंगलवार को ब्रजेश चंद्र और राजेश रंजन ने शाखा प्रबंधक से कहा कि आप इस बाबत हम दोनों भाइयों से जो भी सहमति पत्र या शपथ पत्र लेना चाहेंगे, हम बनवा कर दे देंगे. लेकिन पिताजी के अकाउंट में पड़े रकम को रकम की निकासी की व्यवस्था कर दी जाए. अभियंता का कहना है कि हम नोएडा दिल्ली से खासकर इसी काम के बाबत वे खरीक आये हैं. लेकिन शाखा प्रबंधक की हठधर्मिता से हम लोग काफी परेशान है. मालूम हो कि ब्रजेशचंद्र के पिता के बैंक खाते में छः लाख से अधिक रुपए जमा हैं.

कहते हैं शाखा प्रबंधक

एसबीआई शाखा प्रबंधक का कहना है कि  बृजेशचंद्र ने आकर मुझे सारी बात बताई उनके पिता के अकाउंट में 2 नोमानी बनाया गया है.  मैंने उन से दोनों भाइयों के बीच होने वाले परसेंटेज स्लिप लाने के लिए बोला. जिसमें इस बात को तय किया हुआ रहता है कि किस भाई को कितना रकम मिलना है. लेकिन दोनों भाइयों में से कोई भी परसेंटेज स्लिप को प्रदर्शित नहीं कर रहा. जिसके कारण धन निकालना संभव नहीं है. इस संदर्भ में एसबीआई के बड़े पदाधिकारियों से दिशानिर्देश लिया जाएगा, जैसा दिशा निर्देश मिलेगा उस अनुरूप काम किया जाएगा.