बिहार में आज स्वतंत्रता दिवस की धूम है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुबह नौ बजे पटना के गांधी मैदान में झंडोत्तोलन किया। इसके पहले उन्होंने सुबह 8.45 बजे गांधी मैदान के समीप स्थित कारगिल स्मृति पहुंच माल्यार्पण कर शहीदों को नमन किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झंडा फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में न्याय के साथ विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बिहार में आई बाढ़ से हुए नुकसान की चर्चा करते हुए पीडि़तों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद रंगारंग झांकियां निकाली गईं।

इसके बाद वे 11.30 बजे पुनपुनप्रखंड स्थित नेहालचक महादलित टोले में आयोजित झंडोत्तोलन समारोह में भी शामिल होंगे।
ठीक नौ बजे फहराया तिरंगा
मुख्यमंत्री ने ठीक नौ बजे तिरंगा को फहराया। इसके पहले उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। परेड कमांडर थीं निधि रानी। परेड में शामिल सबसे पहली टुकड़ी सीआरपीएफ की थी। इसके बाद क्रमश: आइटीबीपी व एसएसबी आदि की टुकडि़यां थीं।
मुख्यमंत्री का संबोधन
राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान की चर्चा की। साथ ही इस आपदा की घड़ी में फौरन सहायता के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। कहा कि बाढ़ पीडि़तों को हर संभव सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने शराबबंदी को सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि समाज की मांग पर शराबबंदी कानून को लागू किया। इसके बेहतर परिणाम मिले हैं। यह संकल्प का विषय है। लोग कहते थे कि शराबबंदी से राजस्व की हानि होगी, लेकिन सरकार के राजस्व में मात्र एक हजार करोड़ रुपये की कमी आई।
मुख्यमंत्री ने विकसित बिहार बनाने तथा न्याय के साथ विकास का अपना संकल्प दुहराया। कहा कि बिहार हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।
रंगारंग झांकियों ने मन मोहा
मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद रंगररंग झांकियों के माध्यम से शराबबंदी व स्वच्छता के सार्थक संदेश दिए गए। अन्य झांकियों ने भी मन मोह लिया। पहली झांकी शराबबंदी का संदेश दे रही थी। पितृपक्ष मेला के संबंध में बताती दूसरी झांकी पर्यटन विभाग की थी।
