विपिन कुमार ठाकुर, गोपालपुर : एनडीए के मुखिया के नाते नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर प्रखंड के मकंदपुर पंचायत के आदर्श ग्राम धरहरा में सर्वाधिक चार पर सीएम नीतीश कुमार अपने लाव – लश्कर के साथ धरहरा आये. जिस कारण गोपालपुर प्रखंड के इस छोटे से गाँव की चर्चा बिहार की सीमा को पार विदेशों तक हुई. धरहरा की परंपरा पर कई विदेशी फिल्मकारों ने टेली फिल्म के निर्माण की शूटिंग धरहरा में की. पहली बार वर्ष 2010में सीएम नीतीश कुमार अपने वरिष्ठ मंत्रियों व आला अधिकारियों के साथ विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आये और धरहरा की बेटी लवी कुमारी को गोद में लेकर वृक्षारोपण किया तथा भागलपुर जिला हेतु करोडों रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास धरहरा से किया. बताते चलें कि धरहरा में बेटियों के जन्म लेने पर दस फलदार वृक्ष लगाने व ढोल बजाकर खुशी मनाने की परंपरा चली आ रही है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इसी परंपरा के कायल हो सीएम नीतीश कुमार पहली बार 2010 ई में आये और वृक्षारोपण कर यहाँ की इस परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाई. धरहरावासियों ने सीएम नीतीश कुमार के समक्ष धरहरा के समुचित विकास हेतु चौदह सूत्री माँग पत्र रखा था. जिसे सीएम नीतीश कुमार ने पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया था. मुखिया रंजीता देवी कहती हैं कि सीएम नीतीश कुमार के द्वारा स्वीकृत चौदह सूत्री माँगों में से अधिकारियों द्वारा धरातल पर उतारा गया है. परन्तु अधिकांश महत्त्वपूर्ण योजना अभी तक ठंढे बस्ते में ही है. पूर्व सरपंच बिहारी सिंह ने कहा कि सीएम के जाने के बाद अधिकारीगण धरहरा की ओर देखना भी उचित नहीं समझते हैं. लेकिन उनके आने की सूचना मात्र से धरहरा की ओर दौड लगाने लगते हैं.


पूर्व मुखिया विजय सिंह सहित बडी संख्या में ग्रामीणों मे बताया कि अभी तक पीएचईडी द्वारा पूरे धरहरा गाँव में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं करवाया जा सका है. पिछले वर्ष सीएम के सात निश्चय यात्रा के दौरान धरहरा में संभावित कार्यक्रम के कारण वार्ड दो व तीन में हर घर नल योजना के अंतर्गत पाइप बिछाया गया. लेकिन नल से ग्रामीणों को अभी तक शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पाया है. जबकि चार सौ मीटर के दायरे में पाइप का जाल बिछाकर ग्रामीणों को आयरन मुक्त शुद्ध जल उपलब्ध करवाना था. राशि का आवंटन रहने के बावजूद पशु चिकित्सालय का भवन नहीं बनाये जाने के कारण पशु चिकित्सालय रंगमंच पर चल रहा है. ग्रामीणों को सुलभ इलाज हेतु स्वास्थ्य उपकेन्द्र को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में परिणत कर छह शय्या का अस्पताल बनाने की घोषणा ततकालीन स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने किया था.

परन्तु आजतक इस दिशा में कुछ भी नहीं किया जा सका. जिस कारण आज भी धरहरावासी झाड फूँक व ग्रामीण चिकित्सकों के इलाज के भरोसे जीने को विवश हैं. ना तो ग्राम कचहरी भवन बना और ना ही तालाब का सौंदर्यीकरण हुआ. किसानों के खेत के पटवन हेतु स्टेट ट्यूबेल का भी मरम्मत्तिकरण नहीं होने से किसान निजी पंपसेटों से पटवन को विवश हैं. पुनः सीएम द्वारा अपनी घोषणा की खोज खबर लेने से धरहरावासियों में पुनः उम्मीद जगी है कि शायद सभी घोषित योजनाएँ पूरी होकर धरहरा आदर्श ग्राम सचमुच बन जायेगा.
