धर्म : भाई-दूज का पर्व गुरुवार को, दोपहर 1:23 से 3:28 बजे तक रहेगा शुभ मुहूर्त

नवगछिया। भाई और बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक पर्व भाई-दूज इस वर्ष गुरुवार, 23 अक्टूबर को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। पंडित नरेश जोशी के अनुसार, भाई-दूज की तिथि 22 अक्टूबर की रात […]

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नवगछिया : मिट्टी से बनी प्रतिमा ने दिखाया चमत्कार, दो टुकड़ों में बंट गई बकरी

खेल-खेल में हुआ चमत्कार, बनी मां वाम काली — बादुर तांती की बाल भक्ति से शुरू हुई एक अद्भुत परंपरा नवगछिया (बिहपुर)। मां वाम काली मंदिर की ख्याति आज पूरे क्षेत्र में एक सिद्धपीठ के रूप में है। यहां दीपावली के अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह मंदिर अपनी तांत्रिक पूजा पद्धति, प्राचीन […]

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नवगछिया : लत्तीपुर गांव का 200 वर्ष पुराना मां काली मंदिर.. आस्था का प्रमुख केंद्र

नवगछिया (बिहपुर)। नवगछिया अनुमंडल के बिहपुर प्रखंड के लत्तीपुर गांव में स्थित मां काली मंदिर न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पुराना ऐतिहासिक धरोहर भी है। इस मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है। श्रद्धालु इसे शक्तिपीठ के रूप में जानते हैं। मां काली के इस मंदिर […]

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धनतेरस की धूम, घर-घर में सजे दीप—शुभ मुहूर्त 18 नवंबर को शाम 7:16 से 8:20 तक

धनतेरस को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है। बाज़ारों में सोना-चांदी, बर्तन और सजावटी सामान की खरीदारी को लेकर भीड़ देखी जा रही है। पंडित दयानंद पाण्डेय के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस कहा जाता है। इस वर्ष धनतेरस 18 नवंबर (शनिवार) को मनाई जाएगी। इस दिन पंचधातु — […]

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नवगछिया : ढोलबज्जा का 250 वर्ष पुराना मां काली मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र.. विशाल मेला

ढोलबज्जा। नवगछिया अनुमंडल के खैरपुर कदवा पंचायत के गोला टोला कदवा में स्थित मां काली मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी विख्यात है। लगभग ढाई सौ वर्ष पूर्व पकरा निवासी रघु प्रसाद सिंह ने अपनी निजी जमीन पर इस मंदिर की […]

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नवगछिया : मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर — 150 वर्षों से आस्था, साधना और सिद्धि का पावन केंद्र

नारायणपुर (नवगछिया): गोगरी-नारायणपुर तटबंध पर स्थित नवटोलिया गांव का मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। करीब 150 वर्ष पूर्व स्थापित यह मंदिर आज भी सिद्ध साधकों, तांत्रिकों और श्रद्धालुओं के लिए दिव्य शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। 🔱 ऐतिहासिक […]

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नवगछिया : रामगढ़ की मां वामकाली मंदिर- पाँच शताब्दियों पुराना सिद्धपीठ

नवगछिया (रामगढ़)। प्रखंड के रामगढ़ गांव में स्थित मां वामकाली मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मंदिर लगभग पाँच सौ वर्ष पुराना सिद्धपीठ है, जिसकी महिमा दूर-दूर तक फैली हुई है।यहां हर वर्ष हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं और अपनी […]

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नवगछिया : नगरह महामशानी शक्तिपीठ- श्रद्धा, सिद्धि और तंत्र साधना का संगम स्थल

नवगछिया (भागलपुर): नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र नवरात्र और काली पूजा के अवसर पर एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और तंत्र साधना का केंद्र बन गया है।यहां के रंगरा स्थित बैसी काली मंदिर और नगरह महामशानी शक्तिपीठ दोनों ही इस समय धार्मिक आस्था और रहस्यमयी तांत्रिक साधना के प्रतीक बन चुके हैं।नवरात्र के पवित्र दिनों में इन […]

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